पंजाब में AAP विधायक गिरफ्तार , जानें वजह

पंजाब में खडूर साहिब से AAP विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा 2013 के उस्मां कांड में दोषी करार दिए गए। तरनतारन कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया। सजा 12 सितंबर को सुनाई जाएगी। दो साल या उससे ज्यादा सजा होने पर उनकी विधायकी खतरे में पड़ जाएगी।

पंजाब में AAP विधायक गिरफ्तार , जानें वजह
  • तरनतारन कोर्ट ने लालपुरा समेत 7 आरोपियों को दोषी माना, सजा 12 सितंबर को तय होगी

  • दो साल या अधिक सजा पर लालपुरा की विधायकी जा सकती, AAP की मुश्किलें बढ़ीं


पंजाब की राजनीति में हलचल मचाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। खडूर साहिब से AAP विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब तरनतारन कोर्ट ने उन्हें 12 साल पुराने 2013 के ‘उस्मां कांड’ में दोषी करार दिया। अदालत ने लालपुरा समेत कुल 7 आरोपियों को दोषी माना और सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

अब इस मामले में सभी की नजर 12 सितंबर पर है, जब कोर्ट सजा का ऐलान करेगी। अगर लालपुरा को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उनकी विधायकी स्वतः समाप्त हो जाएगी और अगले छह साल तक वे चुनाव लड़ने से भी वंचित रहेंगे। इस स्थिति में पंजाब की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि विधानसभा में उसकी संख्‍या एक सदस्य कम हो जाएगी।

क्या है ‘उस्मां कांड’

यह मामला 2013 में पंजाब के उस्मां गांव का है। बताया जाता है कि एक शादी समारोह के दौरान पीड़ित लड़की से छेड़छाड़ और मारपीट की गई थी। उस समय यह घटना काफी सुर्खियों में रही और इस मामले में लालपुरा समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। कानूनी प्रक्रिया और लंबी जांच-पड़ताल के बाद आखिरकार 12 साल बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दे दिया।

AAP पर असर

लालपुरा के दोषी ठहराए जाने से AAP की छवि पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। विपक्षी दल पहले ही आप सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर हमलावर हैं। अब पार्टी के विधायक के दोषी साबित होने से उसकी साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंजाब में इससे पहले भी AAP के कुछ विधायकों का नाम विवादों में आ चुका है। ऐसे में यह घटना पार्टी के लिए सियासी सिरदर्द बन सकती है।

अब देखना होगा कि 12 सितंबर को अदालत कितनी सजा सुनाती है। अगर सजा दो साल से कम होती है तो लालपुरा अपनी सदस्यता बचा सकते हैं, लेकिन दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर उनका राजनीतिक भविष्य गहरे संकट में फंस जाएगा।