एसी चलाते समय भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां, एसी चलाते समय भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां

एसी में ब्लास्ट और आग लगने के कारण क्या हैं, कौन-सी 9 गलतियां जोखिम बढ़ाती हैं और किन 13 सेफ्टी टिप्स से बड़े हादसों को रोका जा सकता है, जानिए पूरी जानकारी।

  • एसी में ब्लास्ट अचानक नहीं, बल्कि छोटी-छोटी लापरवाहियों का नतीजा होता है
  • गलत वायरिंग, ओवरलोडिंग और मेंटेनेंस की कमी बन सकती है जानलेवा
  • सिर्फ 13 सेफ्टी टिप्स अपनाकर एसी से जुड़े बड़े हादसों को टाला जा सकता है

गर्मी बढ़ते ही देशभर में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। लेकिन इसी के साथ एसी में आग लगने और ब्लास्ट की घटनाएं भी सामने आने लगती हैं। हाल ही में दिल्ली के हौज खास में पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार के घर एसी ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग में उनकी मौत हो गई। इससे पहले विवेक विहार अग्निकांड में भी एसी में आग लगने के कारण 9 लोगों की जान चली गई थी।

ऐसे हादसों के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर एसी में ब्लास्ट क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार एसी में ब्लास्ट अचानक नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक बरती गई लापरवाही और तकनीकी खामियों का नतीजा होता है।

नागपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि जब एसी के अंदर मौजूद सिस्टम पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है, वायरिंग खराब होती है या मेंटेनेंस समय पर नहीं होती, तो ओवरहीटिंग, स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट की स्थिति पैदा हो जाती है। यही आगे चलकर आग या ब्लास्ट का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मियों में यह खतरा और बढ़ जाता है। लोग अक्सर एसी को लगातार कई घंटों तक 16 से 18 डिग्री तापमान पर चलाते हैं। इससे कंप्रेसर और मोटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बाहर का तापमान ज्यादा होने पर मशीन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उसके पार्ट्स तेजी से गर्म होने लगते हैं।

इसके अलावा रेफ्रिजरेंट गैस का दबाव बढ़ना, आउटडोर यूनिट का बंद या गर्म जगह पर लगा होना, बिजली का बार-बार ऊपर-नीचे होना और लगातार बिना ब्रेक एसी चलाना भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पुराने एसी ही नहीं, बल्कि नए एसी में भी ब्लास्ट का खतरा हो सकता है। यदि इंस्टॉलेशन गलत तरीके से किया गया हो, वायरिंग लोकल क्वालिटी की हो या एसी की क्षमता से ज्यादा लोड डाला जाए तो नई मशीन भी जोखिम पैदा कर सकती है।