अजित पवार प्लेन क्रेश: हादसे में जान गंवाने वालों में कौन हैं पिंकी माली और विदिप जाधव? जानें दुर्घटना से जुड़ी अहम बातें
बारामती विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव की कहानी ने पूरे देश को झकझोर दिया।
- विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत
- फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव भी हादसे का शिकार
- मुंबई, ठाणे और सतारा में शोक की लहर, परिवार सदमे में
महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ, जब बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में जिन दो नामों ने सबसे ज्यादा भावनात्मक असर छोड़ा, वे थे 29 वर्षीय फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और अजित पवार के सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव। दोनों ही अपने-अपने परिवारों के लिए सहारा थे और आज उनकी अचानक मौत ने घरों को सूना कर दिया।
इस विमान हादसे के बाद मुंबई के वर्ली, ठाणे के विटावा और सतारा में शोक की लहर दौड़ गई। जिन घरों से रोज़ हंसी और उम्मीद की आवाज़ें आती थीं, वहां मातम पसरा हुआ है।
पिंकी माली कौन थीं
पिंकी माली की उम्र महज 29 वर्ष थी। वह पिछले छह वर्षों से विमानन क्षेत्र में कार्यरत थीं और बीते एक साल से वीएसआर कंपनी में फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर रही थीं। इससे पहले वह सांताक्रूज़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सेवाएं दे चुकी थीं।
पिंकी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली थीं, हालांकि उनका परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से मुंबई के वर्ली स्थित सेंचुरी मिल्स इलाके में रह रहा था। उनकी शादी दो साल पहले हुई थी और वह फिलहाल अपने पति के साथ ठाणे में रह रही थीं।
दुर्घटना के बाद पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने बताया कि उड़ान से एक दिन पहले पिंकी ने फोन पर यह जानकारी दी थी कि वह अजित पवार की फ्लाइट से यात्रा कर रही हैं। सुबह जब हादसे की खबर सामने आई, तो परिवार को गहरा झटका लगा। बाद में उनकी मौत की पुष्टि ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
विदिप जाधव कौन थे
इस हादसे में जान गंवाने वाले विदिप जाधव, महाराष्ट्र पुलिस में कार्यरत एक अनुभवी अधिकारी थे। वह सतारा जिले के निवासी थे और 2009 से मुंबई पुलिस में सेवा दे रहे थे। पिछले कुछ वर्षों से वह अजित पवार के सुरक्षा गार्ड के रूप में उनके साथ तैनात थे।
पुलिस विभाग में विदिप जाधव को एक अनुशासित, सतर्क और भरोसेमंद सुरक्षा कर्मी के रूप में जाना जाता था। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी, एक बेटा और एक छोटी बेटी हैं। हादसे के समय पूरा परिवार ठाणे के विटावा स्थित घर में मौजूद था। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत बारामती के लिए रवाना हो गए।
पड़ोसियों के मुताबिक, विदिप जाधव हमेशा मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सुबह घर से निकलने वाला यह व्यक्ति कुछ ही घंटों में इस तरह दुनिया छोड़ देगा।
राजनीतिक और सामाजिक शोक
अजित पवार की मौत पर महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें एक अनुशासित, स्पष्ट वक्ता और मजबूत प्रशासक के रूप में याद किया है। उनके साथ-साथ इस हादसे में जान गंवाने वाले अन्य लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जा रही है।
यह हादसा न केवल एक राजनीतिक क्षति है, बल्कि उन आम परिवारों के लिए भी अपूरणीय नुकसान है, जिनके सपने, उम्मीदें और सहारे एक पल में छिन गए।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन पर देशभर में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल ने एक मजबूत नेता और भरोसेमंद सहयोगी को खो दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए अजित पवार के साथ उनका कार्यकाल बेहद अनुशासित और पेशेवर रहा। राजनीति में अलग राह होने के बावजूद रिश्तों में कभी दूरी नहीं आई।
शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि अजित पवार का सरल स्वभाव और विधायी कामकाज पर मजबूत पकड़ उन्हें विशेष बनाती थी। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी अजित पवार के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। मायावती ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अजित पवार के निधन को अत्यंत दुखद बताया। संघ ने कहा कि अजित पवार का सार्वजनिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा, और उनके निधन से देश ने एक अनुभवी जननेता को खो दिया है।
अजित पवार के साथ इस हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव के निधन पर भी नेताओं और आम लोगों ने शोक व्यक्त किया है। दोनों को कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार व्यक्ति बताते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई है।
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28 जनवरी 2026 | बारामती एयरपोर्ट
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08:18 AM – विमान VI-SSK का ATC से पहला संपर्क
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08:30 AM (लगभग) – 30 नॉटिकल मील दूरी, विज़ुअल लैंडिंग की सलाह
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मौसम – हवा शांत, विज़िबिलिटी 3000 मीटर
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पहला प्रयास – रनवे 11 पर अप्रोच, रनवे न दिखने पर गो-अराउंड
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दूसरा प्रयास – दोबारा फाइनल अप्रोच
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08:43 AM – रनवे 11 पर लैंडिंग की अनुमति
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08:44 AM – रनवे के पास आग की लपटें दिखीं
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हादसा – मलबा रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के बाईं ओर मिला
कहां-कहां हुई चूक?
1️⃣ विज़िबिलिटी पर बड़ा सवाल
हालांकि ATC ने विज़िबिलिटी 3000 मीटर बताई, लेकिन क्रू को दो बार रनवे दिखाई नहीं दिया। इससे ज़मीनी हालात और वास्तविक दृश्यता पर सवाल खड़े होते हैं।
2️⃣ गो-अराउंड के बाद दबाव में लैंडिंग?
पहले असफल प्रयास के बाद आमतौर पर अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है, लेकिन दूसरे प्रयास में भी स्पष्ट दृश्यता की पुष्टि देर से हुई।
3️⃣ लैंडिंग क्लियरेंस का रीडबैक नहीं
ATC द्वारा 08:43 बजे लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन क्रू की ओर से क्लियरेंस का रीडबैक नहीं मिला — यह एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
4️⃣ थ्रेशहोल्ड के पास ही हादसा
विमान का मलबा रनवे के शुरुआती हिस्से (थ्रेशहोल्ड) के पास मिला, जिससे संकेत मिलता है कि विमान अस्थिर अप्रोच (Unstable Approach) में था।
ATC और पायलट – जिम्मेदारी किसकी?
विशेषज्ञों के अनुसार,
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ATC का दायित्व होता है सटीक मौसम और दृश्यता की जानकारी देना
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जबकि पायलट इन कमांड का अंतिम फैसला होता है कि लैंडिंग सुरक्षित है या नहीं
इस हादसे में दोनों स्तरों पर कम्युनिकेशन गैप और निर्णय में जल्दबाज़ी की आशंका जताई जा रही है।
आगे क्या?
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DGCA द्वारा डिटेल्ड जांच
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फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) का विश्लेषण
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ATC लॉग्स और कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की समीक्षा
Akhil Mahajan