ऑपरेशन हार्ड बॉल से हिला लॉरेंस गैंग: FBI की सबसे बड़ी कार्रवाई, 24 गिरफ्तार, 37 पर गंभीर आरोप

ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत FBI और अन्य एजेंसियों ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया और 37 के खिलाफ आरोप तय किए।

ऑपरेशन हार्ड बॉल से हिला लॉरेंस गैंग: FBI की सबसे बड़ी कार्रवाई, 24 गिरफ्तार, 37 पर गंभीर आरोप

अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

24 आरोपी गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ समेत 37 लोगों पर आरोप तय

ड्रग्स, अवैध हथियार, नकदी और डिजिटल सबूत बरामद, जांच अभी जारी


लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका, कनाडा और यूरोप की जांच एजेंसियों ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। "ऑपरेशन हार्ड बॉल" (Operation Hard Ball) के तहत FBI और सहयोगी एजेंसियों ने एक साथ 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में भारी मात्रा में ड्रग्स, अवैध हथियार, नकदी और कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई कई वर्षों से चल रही जांच का नतीजा मानी जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क ने अलग-अलग देशों में संगठित अपराध का बड़ा तंत्र खड़ा कर रखा था और अब उसकी परतें एक-एक कर खुल रही हैं।

किन आरोपों की जांच कर रही हैं एजेंसियां?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई, सुपारी किलिंग और धमकी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहा है।

जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों को डराने, नेटवर्क का प्रभाव बढ़ाने और नए संपर्क बनाने के लिए करता था। एजेंसियां अब इन डिजिटल गतिविधियों की भी गहराई से जांच कर रही हैं।

लॉरेंस और गोल्डी की भूमिका पर फोकस

जांच एजेंसियों का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए अपने नेटवर्क का संचालन करता था, जबकि गोल्डी बराड़ कनाडा से उत्तर अमेरिका में गैंग की गतिविधियों का समन्वय करता था।

अभियोजन पक्ष ने दोनों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपराधिक साजिश रचने और संगठित अपराध नेटवर्क संचालित करने से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

ऑपरेशन के दौरान जांच एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में कोकीन, अन्य नशीले पदार्थ, कई अवैध हथियार, गोला-बारूद, बड़ी नकदी और अपराध से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

अब एजेंसियां बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इनसे नेटवर्क के कई अन्य सदस्यों और गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

37 लोगों पर आरोप, जांच अभी बाकी

अमेरिकी अभियोजकों ने इस मामले में 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और विभिन्न देशों में सक्रिय उनके कई कथित सहयोगियों के नाम शामिल हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।