हाईकोर्ट से दुष्यंत चौटाला को झटका: FIR के आदेश से इनकार, JMIC हिसार जाने की सलाह
हिसार CIA स्टाफ विवाद मामले में दुष्यंत चौटाला को हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर JMIC हिसार जाने को कहा और DGP से हलफनामा मांगा है।
➤ हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने का सीधा आदेश देने से किया इनकार
➤ दुष्यंत चौटाला को JMIC हिसार जाने की दी कानूनी सलाह
➤ हरियाणा DGP से मांगा हलफनामा, 30 अप्रैल को अगली सुनवाई
हरियाणा की राजनीति से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें दुष्यंत चौटाला को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हिसार में सीआईए स्टाफ के साथ हुए विवाद मामले में हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ता के पास न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMIC) हिसार की अदालत में जाने का वैकल्पिक कानूनी रास्ता उपलब्ध है।
दरअसल, दुष्यंत चौटाला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी जैसे चंडीगढ़ या पंजाब पुलिस से करवाई जाए। साथ ही, उन्होंने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग रखी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस मामले की जांच हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है, इसलिए अदालत इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेगी।
अदालत ने दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) से एक संक्षिप्त हलफनामा (शॉर्ट एफिडेविट) दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विक्रांत पंबू पेश हुए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अभी किसी को नोटिस जारी नहीं किया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल 2026 को होगी।
विवाद की पूरी कहानी
जीजेयू प्रदर्शन से शुरू हुआ मामला
इस पूरे विवाद की शुरुआत हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शन से हुई। 16 अप्रैल 2026 को दिग्विजय चौटाला अपने समर्थकों के साथ वीसी ऑफिस पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान गेट तोड़ने की कोशिश की गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन की शिकायत पर दिग्विजय समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ और कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
सब्जी मंडी पुल पर हुआ टकराव
इसके अगले दिन 17 अप्रैल को जब दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय समर्थकों के साथ सिटी थाने में सामूहिक गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तब हिसार के सब्जी मंडी पुल के पास विवाद बढ़ गया। दुष्यंत चौटाला का आरोप है कि सिविल ड्रेस में सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने उनकी गाड़ी के आगे बोलेरो अड़ा दी और उन पर पिस्तौल तान दी। उन्होंने पुलिस पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दुष्यंत के काफिले की एक पायलट गाड़ी लापरवाही से चलाई जा रही थी और उसने पुलिस वाहन को टक्कर मारने की कोशिश की। इसके बाद सीआईए इंचार्ज ने केवल गाड़ी रोककर चेतावनी दी थी।
एफआईआर दर्ज न होने के बाद दुष्यंत चौटाला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अब कोर्ट के इस फैसले के बाद उन्हें निचली अदालत का रुख करना होगा।
Akhil Mahajan