पट्टीकल्याणा में गांधी स्मारक निधि ने मनाया 77वां गणतंत्र दिवस, हेमलता रावत ने किया ध्वजारोहण, संविधान पर दिया संदेश

पट्टीकल्याणा में गांधी स्मारक निधि द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया, ध्वजारोहण, संविधान पर विचार और छात्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को राष्ट्रभक्ति से भर दिया।

पट्टीकल्याणा में गांधी स्मारक निधि ने मनाया 77वां गणतंत्र दिवस, हेमलता रावत ने किया ध्वजारोहण, संविधान पर दिया संदेश
  • पट्टीकल्याणा में गांधी स्मारक निधि द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया
  • न्यासी हेमलता रावत ने किया ध्वजारोहण, संविधान की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डाला
  • छात्रों की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया भावविभोर


गांधी स्मारक निधि, पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश, पट्टीकल्याणा जिला पानीपत में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसे संस्था की न्यासी हेमलता रावत ने संपन्न कराया।

ध्वजारोहण के पश्चात गणतंत्र दिवस के महत्व पर विस्तार से बोलते हुए हेमलता रावत ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के बाद व्यवस्था के अनुरूप शासन प्रणाली स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को डॉ भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि दो वर्ष, ग्यारह माह और अठारह दिन की लंबी प्रक्रिया के बाद संविधान का निर्माण हुआ और 26 जनवरी 1950 को इसे देश में लागू किया गया।

मुख्य वक्ता समाजसेवी रविन्दर छौक्कर ने संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को ही डॉ राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान विश्व के अनेक देशों के संविधानों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। यह संविधान कठोर और लचीलेपन का संतुलित स्वरूप है, जहां मूल संरचना कठोर है, वहीं गैर-मौलिक प्रावधानों में संशोधन की गुंजाइश रखी गई है।

कार्यक्रम में गांधी स्मारक निधि के सचिव आनंद कुमार शरण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद और ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर थे। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान से जुड़ी इन ऐतिहासिक जानकारियों को जानने की आवश्यकता पर बल दिया। राष्ट्रगान के बाद प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर गांधी स्मारक निधि पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी एवं प्राकृतिक चिकित्सा से स्वास्थ्य लाभ ले रहे साधक-साधिकाएं उपस्थित रहीं।