BJP को मिलेगा नया अध्यक्ष ! हरियाणा भवन में हो रहा मंथन

हरियाणा भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर गहन मंथन जारी है। जातीय समीकरण, 2029 चुनाव और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति के बीच जल्द फैसला संभव।

BJP को मिलेगा नया अध्यक्ष ! हरियाणा भवन में हो रहा मंथन

हरियाणा भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तेज हुई अंदरूनी राजनीति
मनोहर लाल, नायब सैनी की समझदारी के बीच दिल्ली तक लॉबीइंग
जातीय समीकरण और 2029 चुनाव भाजपा के फैसले की धुरी



भाजपा के हरियाणा अध्‍यक्ष पर मंथन जारी है। जल्‍द ही हरियाणा बीजेपी की कमान संभालने वाले का चेहरे साफ हो सकता है। सियासी गलियाारों में इ चर्चा है कि भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा। पार्टी में आधा दर्जन से अधिक नेता इस पद के दावेदार हैं, लेकिन फिलहाल चार प्रमुख नेताओं के बीच अध्यक्ष बनने को लेकर जबरदस्त लॉबीइंग चल रही है। हरियाणा भवन में आज मीटिंग हो रही है, चर्चा है कि इस मीटिंग में प्रदेशाध्‍यक्ष के नामों पर मंंथन होगा। CM Saini समेत तमाम दिग्गज नेता बैठक में पहुंच चुके हैं। 

राज्य में भाजपा द्वारा लगातार बैठकें किए जाने से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व यह फैसला 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए करेगा। संगठन को मजबूत करने, सामाजिक संतुलन साधने और भविष्य की चुनावी रणनीति को धार देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष का चयन बेहद अहम माना जा रहा है।

वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली हैं। पार्टी का एक बड़ा वर्ग उन्हें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में है, लेकिन उनके विरोधियों की संख्या भी कम नहीं है। बडौली विरोधी खेमा हिमाचल प्रदेश के कसौली में दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर उन्हें पद से हटाने के लिए सक्रिय लॉबीइंग कर रहा है। हालांकि अब यह मामला खत्‍म हो चुका है। कोजर रिपोर्ट के लिए कोर्ट में निर्णय आ चुका है। उधर, यदि यह मुहिम पहले सफल होती तो बडौली को पहले ही हटाया जा चुका होता।

बता दें कि हरियाणा में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों का संचालन इस समय केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की आपसी समझदारी से संतुलित ढंग से चल रहा है। पार्टी रणनीतिकारों की नजर केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव भी इस फैसले से जुड़े माने जा रहे हैं।

हरियाणा की राजनीति में जाट, दलित, ओबीसी और ब्राह्मण किसी भी दल की जीत का मजबूत आधार माने जाते हैं। इसी वजह से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन में जातीय और सामाजिक समीकरणों को बेहद गंभीरता से तौला जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जिन नामों पर चर्चा चल रही है, उनमें मोहन लाल बडौली के अलावा पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के मुख्यमंत्री रहते राजनीतिक सचिव रहे अजय गौड़, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व मंत्री असीम गोयल, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व सांसद संजय भाटिया, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक दीपक मंगला और भाजपा प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया के नाम शामिल हैं।

लंबी अंदरूनी चर्चा के बाद पार्टी में पांच नाम शॉर्टलिस्ट किए जाने की सूचना है। इनमें सुरेंद्र पुनिया (जाट), अजय गौड़ (ब्राह्मण), कृष्ण कुमार बेदी (वाल्मीकि), कृष्ण लाल पंवार (एससी) और संजय भाटिया (पंजाबी) के नामों पर गंभीरता से विचार चल रहा है।

सूत्रों के अनुसार कृष्ण पंवार, अजय गौड़ और संजय भाटिया के नामों की केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष मजबूत पैरवी की जा रही है। वहीं जाट मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए सुरेंद्र पुनिया का नाम भी हर स्तर पर मंथन में है।
पंजाब में बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज को ध्यान में रखते हुए कृष्ण बेदी के नाम पर भी विशेष चर्चा हो रही है।

भाजपा के भीतर यह भी चर्चा है कि यदि पार्टी ब्राह्मण मोहन लाल बडौली को हटाकर फिर से ब्राह्मण चेहरे को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाती है, तो अजय गौड़ की दावेदारी सबसे मजबूत होगी।
इसके साथ ही मनोहर लाल का नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भी चर्चाओं में है। यदि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं, तो हरियाणा में अपनी पसंद का प्रदेश अध्यक्ष तय कराने में उन्हें ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। फिलहाल भी वे अपने पसंदीदा नेताओं के लिए सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर के मध्य तक हरियाणा भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है