सोनीपत में दर्दनाक हादसा: मधुमक्खियों के हमले से छात्राओं को बचाते हुए सुपरवाइजर की मौत

सोनीपत के BPSMV विश्वविद्यालय में मधुमक्खियों के हमले में सुपरवाइजर गुरदीप सिंह की मौत हो गई। छात्राओं को बचाते समय हुई घटना, बेटे को नौकरी देने की घोषणा।

सोनीपत में दर्दनाक हादसा: मधुमक्खियों के हमले से  छात्राओं को बचाते हुए सुपरवाइजर की मौत

मधुमक्खियों के हमले में सुरक्षा सुपरवाइजर गुरदीप सिंह की मौत
छात्राओं को बचाने पहुंचे, खुद झुंड के हमले का शिकार हुए
बेटे को HKRN के तहत नौकरी देने की घोषणा


हरियाणा के सोनीपत के गोहाना स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मधुमक्खियों के हमले में सुरक्षा सुपरवाइजर गुरदीप सिंह की जान चली गई।

घटना विश्वविद्यालय की मिनी मार्केट में हुई, जहां एक अर्जुन के पेड़ पर बने बड़े छत्ते से अचानक मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं। इसी दौरान वहां मौजूद तीन छात्राओं पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

छात्राओं की चीख-पुकार सुनकर ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजर गुरदीप सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना अपनी परवाह किए छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान मधुमक्खियों का पूरा झुंड उन पर टूट पड़ा।

कई डंक लगने के कारण कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बिगड़ गई और वे बेसुध होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर गुरदीप सिंह समय रहते वहां नहीं पहुंचते, तो छात्राओं को गंभीर नुकसान हो सकता था। उनकी बहादुरी से तीनों छात्राएं सुरक्षित बच गईं।

इस दुखद घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरदीप सिंह के परिवार को सहारा देने की घोषणा की है। वीसी प्रो. सुदेश ने कहा कि उनके बेटे को योग्यता के आधार पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत नौकरी दी जाएगी।

घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए परिसर में मौजूद अन्य मधुमक्खी के छत्तों को तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि कैंपस में 17–18 छत्ते मौजूद हैं, जो भविष्य में खतरा बन सकते हैं। घायल छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

यह घटना न सिर्फ एक दुखद हादसा है, बल्कि एक ऐसे कर्मचारी की बहादुरी की मिसाल भी है, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने की कोशिश की।