राज्यसभा चुनाव: जीत के बाद भी हुड्डा की जुबां पर क्यों नहीं आया वोटों का आंकड़ा?

हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के 25% विधायक ट्रांसफर हो चुके हैं और 9 वोटों का बड़ा नुकसान हुआ है।

राज्यसभा चुनाव: जीत के बाद भी हुड्डा की जुबां पर क्यों नहीं आया वोटों का आंकड़ा?

राज्यसभा चुनाव: जीत के बाद भी हुड्डा की जुबां पर वोटों का गणित क्यों उलझा?

 ■ कर्मवीर बौद्ध की जीत को बताया 'अग्निपरीक्षा', पर वोटों की संख्या पर साधी चुप्पी

■ हुड्डा का तंज- भाजपा ने की 'वोट चोरी' की कोशिश, हमारे विधायकों ने किया असफल


हरियाणा राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चेहरे पर जीत की चमक तो दिखी, लेकिन जब बात आंकड़ों की आई, तो अनुभवी हुड्डा थोड़े असहज नजर आए। कर्मवीर बौद्ध की जीत को कांग्रेस की बड़ी सफलता बताते हुए हुड्डा ने इसे 'वोट चोरी' बनाम 'ईमानदारी' की जंग करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही तीसरा उम्मीदवार उतारकर वोट चोरी करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन कांग्रेस के विधायकों ने उस चक्रव्यूह को तोड़ दिया।

 हालांकि, जब मीडिया ने उनसे कर्मवीर बौद्ध को मिले सटीक वोटों के बारे में पूछा, तो हुड्डा ने कोई सीधा आंकड़ा देने के बजाय केवल इतना कहा, "कितने वोट हैं, वो आप देख लें... लेकिन जीत हमारी हुई है।" हुड्डा का यह 'अंकगणित' से किनारा करना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि 5 विधायकों की क्रॉस वोटिंग और 4 वोट रद्द होने के बाद कांग्रेस के पास केवल 28 वोट ही बचे थे, जो 37 के मूल आंकड़े से बहुत कम हैं। शायद यही वजह थी कि हुड्डा अपनी प्रेस वार्ता में जीत का जश्न तो मना रहे थे, लेकिन वोटों की गिरती संख्या पर बात करने से बचते दिखे।

उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के रवैये को भी पक्षपातपूर्ण (Partisan) बताया और कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद कांग्रेस ने यह 'अग्निपरीक्षा' पास कर ली है। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन सख्त लहजे में कहा कि जनता सब समझ चुकी है और वक्त आने पर जवाब देगी।