हरियाणा नगर निगम चुनाव की उलटी गिनती शुरू, कल तारीखों का ऐलान संभव
हरियाणा में नगर निगम चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है। वार्डबंदी विवाद खत्म होने के बाद चुनाव आयोग तैयारियों में जुटा है, जबकि कांग्रेस फिर कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
■ कल हो सकता है हरियाणा नगर निगम चुनाव की तारीखों का ऐलान
■ चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी, कांग्रेस फिर कोर्ट जाने के मूड में
■ वार्डबंदी विवाद खत्म, आरक्षण लागू होते ही चुनावी हलचल तेज
हरियाणा में नगर निगम चुनाव को लेकर लंबे समय से जारी इंतजार अब खत्म होने की ओर है। हरियाणा चुनाव आयोग कल चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। इसके लिए आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी भी शुरू कर दी है। यदि किसी कारणवश सोमवार को घोषणा नहीं हो पाती है, तो बुधवार को तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। जैसे-जैसे चुनावी शेड्यूल करीब आ रहा है, प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।नगर निगम चुनाव की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनी वार्डबंदी और आरक्षण की प्रक्रिया अब साफ हो चुकी है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 10 अप्रैल को 2011 की जनगणना के आधार पर अनुसूचित जाति (SC) के लिए सीटों के आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।हालांकि, इस बीच कांग्रेस पार्टी एक बार फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। कांग्रेस की ओर से EVM के साथ VVPAT को जोड़ने की याचिका अभी हाईकोर्ट में लंबित है, जिस पर 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। लेकिन फिलहाल कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगाई है, जिससे चुनाव कार्यक्रम पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
चुनाव की घोषणा से पहले ही अंबाला, सोनीपत और पंचकूला नगर निगमों में मेयर पद को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में टिकट के लिए दावेदारों की लंबी कतार है, जिससे अंदरूनी खींचतान भी देखने को मिल रही है।इस बार चुनाव में आरक्षण को लेकर भी कई अहम बदलाव हुए हैं। पहली बार हरियाणा में बीसी-बी वर्ग की महिला के लिए मेयर पद आरक्षित किया गया है। वहीं, रेवाड़ी नगर परिषद में प्रधान का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। नगर पालिका उकलाना में भी प्रधान पद महिला के लिए रिजर्व घोषित हुआ है।इसके अलावा प्रदेश के 6 निकायों में उपचुनाव भी कराए जाएंगे, जिनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल शामिल हैं। यहां एक-एक वार्ड पार्षद के चुनाव होंगे।अगर पिछले चुनावी नतीजों की बात करें तो पंचकूला में भाजपा के कुलभूषण गोयल, अंबाला में शैलजा सचदेवा और सोनीपत में राजीव जैन ने जीत दर्ज की थी। इन तीनों निगमों में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।प्रदेश में कुल 11 नगर निगम हैं, जिनमें से 8 के चुनाव पहले ही हो चुके हैं, जबकि 3 का कार्यकाल इसी महीने पूरा हुआ है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में महिला आरक्षण लागू है, जबकि यमुनानगर और रोहतक में एससी वर्ग के लिए पद आरक्षित हैं।
ऐसे में अब सबकी नजरें चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां से हरियाणा की सियासत को नई दिशा मिल सकती है।
shubham