भारत में पहली बार 3G एनर्जी स्टेशन: हाईवे पर बनेगा ग्रिड-फ्री ई-चार्जिंग नेटवर्क-सोलर, विंड, हाइड्रोजन और थर्मल एनर्जी से बिजली पैदा कर वाहनों को चार्ज
भारत में पहली बार हाईवे पर 3G ग्रिड-फ्री एनर्जी स्टेशन बनेंगे। सोलर-विंड-हाइड्रोजन से पावर जनरेशन, 30 मिनट में 200 किमी चार्ज। 5000 किमी EV हाईवे प्लान लॉन्च।
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देश में पहली बार ग्रिड-फ्री 3G एनर्जी स्टेशन, हाईवे पर ही सोलर-विंड-हाइड्रोजन से पावर जनरेशन
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200-500 KW अल्ट्रा-फास्ट चार्जर, 30 मिनट से भी कम समय में 100-200 किमी की रेंज
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5000 किमी ई-हाईवे प्लान, दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर व दिल्ली-आगरा में पहले चरण की शुरुआत
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी समस्या—चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबा समय—का समाधान अब नेशनल हाईवे फॉर ईवी (NHEV) ने खोज लिया है। देश में पहली बार 3G एनर्जी स्टेशन बनाए जाएंगे, जो बिना ग्रिड कनेक्शन के ही सोलर, विंड, हाइड्रोजन और थर्मल एनर्जी से बिजली पैदा कर वाहनों को चार्ज करेंगे। इसे रियल जीरो एमिशन EV इकोसिस्टम की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इन स्टेशनों पर 200 KW से 500 KW तक के अल्ट्रा-फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जिनसे कोई भी इलेक्ट्रिक कार मात्र 30 मिनट से भी कम समय में 100-200 किलोमीटर की रेंज चार्ज कर सकेगी। एक साथ 300 कारें या 50 बस-ट्रक चार्ज हो सकेंगे। इस इनोवेशन का रोडमैप 5 दिसंबर को गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी में होने वाली 7वीं NHEV मीटिंग में फाइनल किया जाएगा।
पहले चरण में दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर कॉरिडोर और दिल्ली-आगरा हाईवे पर यह सिस्टम लागू किया जाएगा। हाईवे पर हर 10 किमी पर मेगा चार्जिंग हब बनाने की योजना है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) पायलट का हिस्सा है।
NHEV का लक्ष्य 5000 किमी हाईवे को इलेक्ट्रिक हाईवे में बदलना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक टैक्सी और इलेक्ट्रिक ट्रक-बस उद्योग को बड़ा बूस्ट मिलेगा। लोग अब पेट्रोल-डीजल छोड़कर EV अपनाने में हिचकिचाएंगे नहीं, क्योंकि चार्जिंग की टेंशन खत्म होगी।
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