हरियाणा में बड़ा गैंगस्टर नेटवर्क बेनकाब, डॉक्टरों पर हमले की साजिश फेल पानीपत में फायरिंग की तैयारी
हरियाणा और दिल्ली में सक्रिय इंटरस्टेट उगाही गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 5 शार्प शूटर गिरफ्तार किए हैं, जो पानीपत में डॉक्टरों पर फायरिंग और 6 जगहों पर हमले की साजिश रच रहे थे।
■ हरियाणा-दिल्ली में इंटरस्टेट उगाही गैंग का भंडाफोड़
■ पानीपत में 2 डॉक्टरों पर फायरिंग की थी साजिश
■ 6 अलग-अलग शहरों में ताबड़तोड़ हमलों का प्लान
हरियाणा और दिल्ली में फैले एक बड़े इंटरस्टेट उगाही गैंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सोनीपत पुलिस की एंटी गैंगस्टर यूनिट (SUAG) ने कार्रवाई करते हुए 5 शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो प्रदेशभर में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश को अंजाम देने वाले थे। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लॉरेंस गैंग से जुड़े हुए हैं और उनका मकसद बड़े कारोबारियों, डॉक्टरों और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की उगाही करना था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बदमाशों ने पानीपत के दो नामी डॉक्टरों पर फायरिंग करने की पूरी तैयारी कर ली थी। यह हमला केवल डर पैदा करने के लिए किया जाना था, ताकि पीड़ितों से बड़ी रकम वसूली जा सके। इसके अलावा हरियाणा और दिल्ली के 6 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की योजना बनाई गई थी।
पुलिस की समय रहते कार्रवाई से एक बड़ा आपराधिक प्लान नाकाम हो गया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सीधे गैंगस्टरों के संपर्क में नहीं थे, बल्कि मिडलमैन के जरिए निर्देश प्राप्त करते थे। ये मध्यस्थ विदेश में बैठे गैंगस्टरों के लिए काम करते थे और उन्हीं के माध्यम से शार्प शूटरों को हायर किया जाता था। पुलिस अब इन मिडलमैन की तलाश में जुटी है, जिससे इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पानीपत में 2, दिल्ली में 2, रोहतक में 1 और सोनीपत में 1 स्थान को टारगेट बनाया था। ये सभी स्थान ऐसे लोगों से जुड़े थे जिन्हें पहले से धमकियां मिल चुकी थीं। इस पूरे नेटवर्क में कुख्यात गैंगस्टर रणदीप मलिक और दीपक बॉक्सर का नाम सामने आया है, जो लॉरेंस गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
इस मामले में कई हाई-प्रोफाइल धमकी के केस भी सामने आए हैं। पानीपत में भाजपा नेता और डॉक्टर डॉ. गौरव श्रीवास्तव से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। इसी तरह मिट्ठन स्वीट्स के मालिकों को भी 5 करोड़ रुपए देने की धमकी दी गई। इसराना निवासी बिजनेसमैन सुक्रमपाल से 10 करोड़ और अन्य कारोबारियों से 2-2 करोड़ रुपए की मांग की गई।
डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादियान के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस कार्रवाई से हरियाणा और दिल्ली में सक्रिय एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और संभावित हमलों को समय रहते रोक लिया गया है।
shubham