खामेनेई के बाद पत्नी की मौत,तीसरे दिन में प्रवेश कर चुकी जंग में 555 मौतें, 700 से अधिक घायल
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी तेहरान हमले में घायल होने के बाद निधन हो गया। तीसरे दिन में पहुंचे युद्ध में 555 लोगों की मौत और 700 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
■ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का निधन
■ अमेरिका-इजराइल के तेहरान हमले में घायल हुई थीं, इलाज के दौरान मौत
■ तीसरे दिन में प्रवेश कर चुकी जंग में 555 मौतें, 700 से अधिक घायल
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष ने अब मानवीय त्रासदी का और गहरा रूप ले लिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, वे दो दिन पहले तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी हमले में खामेनेई मारे गए थे। इस घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व की राजनीति और युद्ध की दिशा को और अधिक अनिश्चित बना दिया है।
शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने तेहरान में खामेनेई के दफ्तर को निशाना बनाया था। यह हमला 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के पहले दिन की बड़ी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था। शुरुआती बमबारी में ही खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई थी। अब उनकी पत्नी की मौत ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को गहरा झटका दिया है। देश के भीतर शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष के और फैलने की आशंका जता रहा है।
युद्ध के तीसरे दिन हालात और बिगड़ते दिखे। ईरान ने सोमवार को मिडिल-ईस्ट के चार देशों में स्थित छह अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट्स के क्रैश होने की खबर सामने आई है। फुटेज में जेट हवा में असंतुलित होकर जमीन से टकराते दिखाई दिए। हालांकि किसी पायलट की मौत नहीं हुई। वहीं कुवैत ने भी तीन अमेरिकी जेट्स को गलती से दुश्मन विमान समझकर निशाना बना दिया, लेकिन सभी पायलट सुरक्षित बताए गए हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गॉर्सिया सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति देने में देरी की। अमेरिका पहले ही दिन इसी बेस से ईरान पर हमला करना चाहता था, लेकिन ब्रिटेन ने 48 घंटे बाद सशर्त इजाजत दी। ट्रम्प ने इसे लेकर सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त की है।
दूसरी ओर ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने स्पष्ट कहा है कि उनका देश अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन खबरों के जवाब में आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान फिर से वार्ता की कोशिश कर सकता है।
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटे में ही 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। इस संघर्ष में 555 लोगों की मौत और 700 से अधिक के घायल होने की पुष्टि की गई है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत और 45 के घायल होने की खबर ने दुनिया को झकझोर दिया है। रविवार को तीन अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई थी।
युद्ध की यह भयावह तस्वीर साफ संकेत दे रही है कि यह संघर्ष केवल सैन्य नहीं, बल्कि मानवीय संकट का भी रूप ले चुका है। खामेनेई और उनकी पत्नी की मौत ने इस जंग को और अधिक संवेदनशील और विस्फोटक बना दिया है।
Akhil Mahajan