करनाल में यमुना नदी में डूबा युवक, तलाश जारी, पूरे हरियाणा में बारिश का कहर

हरियाणा में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिसार और सिरसा में छत गिरने से जनहानि, फरीदाबाद में यमुना का पानी गांवों में घुसा और गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम लागू।

करनाल में यमुना नदी में डूबा युवक, तलाश जारी, पूरे हरियाणा में बारिश का कहर

करनाल में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा
खेत में गन्ना बांधने गया मजदूर डूबा
ग्रामीण कर रहे तलाश, साथी बचाने में नाकाम


हरियाणा के करनाल जिले में यमुना नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से बड़ा हादसा हो गया। जिले के बलहेड़ा गांव में खेतों में काम करने गए मजदूरों में से एक नदी में डूब गया। घटना सोमवार देर शाम की है।

जानकारी के अनुसार, नदी किनारे खेत में गन्ना बांधने का काम करने चार मजदूर पहुंचे थे। तभी करीब 32 वर्षीय मुस्तकीम, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था, गहरे पानी में बह गया। उसके साथियों ने तुरंत बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज बहाव और गहराई के चलते वह बाहर नहीं निकाला जा सका।

घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर खोज अभियान शुरू कर दिया। ग्रामीण अब तक मजदूर की तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं, प्रशासन और पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई है।

नदी के लगातार खतरे के निशान पर बहने के चलते ऐसे हादसों का खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे काम करने वालों को प्रशासन की तरफ से कोई सावधानी या चेतावनी नहीं दी गई थी।


हरियाणा में सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह से लगातार हो रही बारिश ने पूरे प्रदेश में कहर बरपा दिया है। कई जिलों में स्कूल बंद, सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है। सबसे ज्यादा असर हिसार, पानीपत, यमुनानगर, करनाल, जींद, झज्जर और चरखी दादरी में देखने को मिला, जहां सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है।

हिसार जिले के कोथ कलां गांव में देर रात बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई, जिसमें दबकर महिला रायशा (33) की मौत हो गई। हादसे में उसका पति और तीनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह सिरसा के जोड़किया और पोहड़का गांव में मकानों की छत गिरने से दो युवकों को चोटें आई हैं।

फरीदाबाद जिले में यमुना नदी का पानी राजपुरा और बसंतपुर गांव तक पहुंच गया है। राजपुरा में खेतों में लगभग 50 एकड़ फसल डूब गई है। बसंतपुर गांव में 200 मकान खाली कराए गए और यमुना की तलहटी में बसे 6000 से ज्यादा परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो रहे हैं। इसी बीच फरीदाबाद के प्रह्लादपुर इलाके की झुग्गियों में 12 फीट लंबा अजगर निकल आया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

अंबाला में चंडीगढ़ हाईवे की सर्विस लेन पर पेड़ गिर गया, जबकि धीन गांव के सरकारी स्कूल में पानी भर जाने से सभी बच्चे और शिक्षक एक कमरे में शरण लेने को मजबूर हो गए। अंबाला में फिलहाल स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन प्रशासन सतर्क है।

प्रदेश की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी यमुना नदी को खतरे की स्थिति में ले आया है। सोमवार रात 2.29 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जो मंगलवार सुबह 2.07 लाख क्यूसेक रहा। घग्गर नदी में सिरसा के पास 34,500 क्यूसेक पानी बह रहा है, जिससे 20 से अधिक गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी खतरे के निशान पर बह रही है और शाहाबाद के गांव हेमामाजरा में नदी का पानी सड़कों पर आ गया है। अंबाला की टांगरी नदी में 11 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है, हालांकि फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है।

गुरुग्राम में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए सभी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस लगाने के आदेश दिए हैं। अरावली का बांध टूटने से कादरपुर समेत कई गांवों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया है।

हिसार में सात ड्रेन टूटने से 180 गांव जलमग्न हो गए हैं। 25 गांवों में बिजली गुल है और कई अस्पताल व स्कूलों में पानी घुस गया है। मंत्री रणबीर गंगवा के ससुराल आर्यनगर में सबसे ज्यादा तबाही हुई है, जहां सरकारी इमारतें और स्कूल तक डूब गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। पुलिस ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से सफर करने की सलाह दी है।