हरियाणा के करनाल में 11 महीने बाद गांव पहुंचा बेटे का शव, रूस गया युवक लौटा ताबूत में; पूरे गांव में पसरा मातम

करनाल के गांव चुरा में 11 महीने बाद रूस गए युवक अनुज का शव पहुंचा, परिवार ने एजेंट पर धोखे से सेना में भर्ती कराने का आरोप लगाया, गांव में मातम पसरा।

हरियाणा के करनाल में 11 महीने बाद गांव पहुंचा बेटे का शव, रूस गया युवक लौटा ताबूत में; पूरे गांव में पसरा मातम
  • विदेश गए युवक का 11 महीने बाद शव गांव पहुंचा
  • परिवार ने एजेंट पर लगाया सेना में भर्ती कराने का आरोप
  • गांव में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई


हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र के गांव चुरा में उस वक्त माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया, जब करीब 11 महीने पहले विदेश गए युवक अनुज का शव उसके पैतृक घर पहुंचा। जैसे ही ताबूत गांव में पहुंचा, हर आंख नम हो गई और पूरे गांव में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था और गांव के लोग भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।

परिजनों के अनुसार, अनुज अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए करीब 11 महीने पहले रूस गया था। परिवार का आरोप है कि एक एजेंट ने उसे धोखे से रूस भेजकर वहां आर्मी में भर्ती करवा दिया। इसके बाद लंबे समय तक उसका परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया। धीरे-धीरे चिंता बढ़ती गई, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।

अब 11 महीने बाद जब अनुज का शव गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मां, पिता, भाई और बहनों का दर्द शब्दों में बयान नहीं हो पा रहा था। हर कोई यही कह रहा था कि जो बेटा घर की उम्मीद बनकर गया था, वह आज ताबूत में लौट आया।

अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव उमड़ पड़ा। हर किसी की आंखों में आंसू थे और माहौल बेहद भावुक हो गया। ग्रामीणों ने नम आंखों से अनुज को अंतिम विदाई दी। इस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिवार ने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एजेंटों की ऐसी गतिविधियों पर सख्त रोक लगनी चाहिए, ताकि कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।