हिमाचल: लाहौल स्पीति में आपदा, SP- SDM दोनों अनुपस्थित

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में आपदा के बीच प्रशासनिक खामियां उजागर हो गई हैं। IPS शिवानी मैहला को SP नियुक्त किए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक कार्यभार नहीं संभाला। CM सुक्खू ने नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को तुरंत एक्सप्लेनेशन कॉल जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिले की SDM आकांक्षा शर्मा भी मातृत्व अवकाश पर हैं, जिससे पूरा जिला आपदा में बिना नेतृत्व के जूझ रहा है। सवाल यह है कि ऐसे वक्त में अफसरों की गैरमौजूदगी का जिम्मेदार कौन है?

हिमाचल: लाहौल स्पीति में आपदा, SP- SDM दोनों अनुपस्थित

➤ SP शिवानी मैहला की जॉइनिंग में देरी पर एक्सप्लेनेशन कॉल होगी
➤ CM सुक्खू ने मुख्य सचिव को दिए सख्त निर्देश
➤ आपदा में लाहौल स्पीति SP और SDM के बिना प्रशासनिक संकट झेल रहा

हिमाचल प्रदेश का लाहौल स्पीति जिला, जहां बीते दिनों भारी बारिश और बादल फटने से आपदा का कहर टूटा, अब प्रशासनिक संकट का भी सामना कर रहा है। हालात इसलिए बिगड़े क्योंकि जिले में न तो स्थायी SP तैनात हैं और न ही SDM

13 अगस्त को IPS अधिकारी शिवानी मैहला को लाहौल स्पीति का SP नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने अब तक जॉइन नहीं किया। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नाराजगी जताई है और मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को निर्देश दिए हैं कि अधिकारी से तुरंत एक्सप्लेनेशन कॉल की जाए।

स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो गई क्योंकि जिले की SDM आकांक्षा शर्मा मातृत्व अवकाश पर हैं और उनकी जगह किसी नए SDM की नियुक्ति अब तक नहीं हुई। ऐसे में जब 25 और 26 अगस्त को भारी बारिश ने लाहौल स्पीति को भारी नुकसान पहुँचाया, तो आपदा प्रबंधन के समय प्रशासनिक स्तर पर नेतृत्व का अभाव साफ नजर आया

शुक्रवार को CM सुक्खू ने सभी DCs के साथ वर्चुअल मीटिंग कर आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। इसी दौरान उन्होंने लाहौल स्पीति में SP की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे समय में जिले को मजबूत नेतृत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है। अब SP शिवानी मैहला को सरकार को यह बताना होगा कि उनकी जॉइनिंग में देरी क्यों हुई।

गौरतलब है कि लाहौल स्पीति की पूर्व SP इल्मा अफरोज स्टडी लीव पर चली गई थीं। तब तक का अतिरिक्त कार्यभार DSP केलांग एवं HPS अधिकारी रश्मि शर्मा को सौंपा गया था। लेकिन 14 अगस्त को सरकार ने आदेश जारी कर शिवानी मैहला को लाहौल स्पीति का पुलिस अधीक्षक नियुक्त कर दिया।

यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। सरकार चाहती है कि आपदा प्रभावित जिलों में तुरंत अधिकारी जॉइन करें, ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए और जनता को समय पर मदद मिल सके।