घटाई एक्साइज ड्यूटी: पेट्रोल-डीजल सरकार ने कर दिया सस्ता! जानें प्रति लीटर कितनी कम होगी कीमत

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कीमतों के चलते आम जनता को तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है।

घटाई एक्साइज ड्यूटी: पेट्रोल-डीजल सरकार ने कर दिया सस्ता! जानें प्रति लीटर कितनी कम होगी कीमत

केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की
ईरान-अमेरिका युद्ध से बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच लिया गया फैसला
कीमतों में राहत पर संशय, कंपनियां पहले घाटा कवर करेंगी


अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यह फैसला 26 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और तेहरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। यह जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का अहम केंद्र है, जहां से प्रतिदिन करीब 20 से 25 मिलियन बैरल कच्चा तेल और लगभग 10 अरब घन फुट गैस का परिवहन होता रहा है। ऐसे में इस संकट के असर से भारत को बचाने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने इसके साथ ही पहली बार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लागू की है। ATF पर ₹50 प्रति लीटर टैक्स तय किया गया था, जिसे छूट के बाद प्रभावी रूप से ₹29.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। इस फैसले से एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर हवाई यात्रा के किराए पर पड़ सकता है।

वहीं घरेलू तेल कंपनियों को राहत देने के लिए सरकार ने कई अन्य कदम भी उठाए हैं। पेट्रोल पर टैक्स शून्य रखा गया है, जबकि डीजल पर ₹18.5 प्रति लीटर की दर तय की गई है। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर कई शुल्कों में छूट दी गई है और वर्ष 2022 में लागू विंडफॉल टैक्स को भी समाप्त कर दिया गया है। इन फैसलों से तेल कंपनियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि आम जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब कम होंगी। जानकारों के अनुसार, फिलहाल इसकी संभावना कम नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है, जिसके चलते भारतीय तेल कंपनियों को हर लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर करीब 48.8 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा दी गई एक्साइज ड्यूटी में राहत का इस्तेमाल कंपनियां पहले अपने घाटे को कम करने में कर सकती हैं। इस तरह केंद्र सरकार का यह कदम भले ही बड़े स्तर पर राहत देने वाला दिखाई दे रहा हो, लेकिन आम उपभोक्ताओं को तुरंत सस्ते ईंधन का लाभ मिलने की उम्मीद फिलहाल कम ही है।