हरियाणा की नई ‘टेनिस क्वीन’ नैंसी मोर ने इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में जीता गोल्ड

हरियाणा की बेटी नैंसी मोर ने एमडीयू रोहतक में आयोजित इंटर कॉलेज महिला टेनिस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में 6-0, 6-0 से जीतकर गोल्ड मेडल जीता। अब वह नॉर्थ जोन कैंप प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगी।

हरियाणा की नई ‘टेनिस क्वीन’ नैंसी मोर ने इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में जीता गोल्ड

लडसौली की नैंसी मोर ने इंटर कॉलेज टेनिस प्रतियोगिता में गोल्ड जीता
एमडीयू रोहतक की ओर से शानदार प्रदर्शन, फाइनल में 6-0, 6-0 की जीत
अब नॉर्थ जोन कैंप में करेगी विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व


सोनीपत जिले के लडसौली गांव की बेटी नैंसी मोर ने एक बार फिर गांव व जिले का नाम रोशन किया है। सोनीपत जिले के लडसौली गांव की रहने वाली नैंसी ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में आयोजित इंटर कॉलेज महिला टेनिस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

यह प्रतियोगिता 29 से 30 अक्टूबर तक चली, जिसमें एमडीयू से संबद्ध कई कॉलेजों की खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। नैंसी ने महारानी किशोरी जाट कन्या महाविद्यालय, रोहतक की ओर से भाग लिया और शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया।

सेमीफाइनल मुकाबले में नैंसी ने सोनीपत के टीकाराम गर्ल्स कॉलेज की खिलाड़ी को 6-0, 6-0 के अंतर से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। वहीं फाइनल मैच में उन्होंने जाट कॉलेज रोहतक की खिलाड़ी को भी एकतरफा मुकाबले में 6-0, 6-0 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

अब नैंसी नॉर्थ जोन कैंप प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी, जहां वह एमडीयू रोहतक विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिता के लिए वह अपनी कोच मीना मोर के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत कर रही हैं।

नैंसी की इस उपलब्धि से लडसौली गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मना रहे हैं। नैंसी के पिता जितेंद्र मोर, जो एक साधारण किसान हैं, ने कहा — “मैंने कभी बेटी को खेलने से नहीं रोका। मैंने हमेशा कहा कि मेहनत कर, एक दिन तेरा नाम अखबारों में होगा। आज वह दिन आ गया है।”

भाई रिंकू मोर ने कहा — “बहन ने वो कर दिखाया जो मुश्किल था। उसकी मेहनत और जुनून ने पूरे गांव का मान बढ़ाया है।” वहीं मां राकेश देवी ने भावुक होकर कहा — “जब नैंसी छोटी थी, तब ही हमें पता चल गया था कि यह कुछ बड़ा करेगी। आज उसकी मेहनत रंग लाई। हमें गर्व है कि वह एक दिन भारत का नाम भी ऊंचा करेगी।”

कोच मीना मोर ने बताया कि नैंसी ने बहुत कम उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था। वह हर सुबह चार बजे अभ्यास के लिए निकल जाती थी। अब उसका लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में वह भारत की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी बने।

नैंसी मोर की इस जीत से हरियाणा की खेल संस्कृति को एक नई दिशा मिली है। यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है बल्कि गांव, परिवार और पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है।