NIA डॉ. आदिल और शाहीन को फरीदाबाद लाएगी, आतंकी मॉड्यूल की परतें खुलीं

दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल की जांच में बड़ा खुलासा। NIA डॉ. आदिल और डॉ. शाहीन को फरीदाबाद लाएगी। उमर नबी के फ्लैट में रुकते थे और विस्फोटक जुटाने की योजना यहीं बनी।

NIA डॉ. आदिल और शाहीन को फरीदाबाद लाएगी, आतंकी मॉड्यूल की परतें खुलीं


● NIA डॉ. आदिल और डॉ. शाहीन को फरीदाबाद लाएगी
● आत्मघाती हमलावर उमर नबी के फ्लैट में रुकते थे आदिल और शाहीन
● अमोनियम नाइट्रेट खरीद और विस्फोटक ठिकानों का खुलासा


फरीदाबाद। दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मामले में NIA अब डॉ. आदिल अहमद और लेडी डॉक्टर डॉ. शाहीन सईद को फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी लेकर आएगी। जांच में सामने आया है कि दोनों का संबंध आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी और डॉ. मुजम्मिल शकील से था, जिसे NIA ने 24 नवंबर को निशानदेही के लिए फरीदाबाद लाया था।

सूत्रों के अनुसार, आदिल कई बार अल-फलाह यूनिवर्सिटी में उमर नबी से मिलने आता था और हॉस्टल के फ्लैट में रुकता था, जहां उसकी मुलाकात मुजम्मिल और शाहीन से हुई। बताया जा रहा है कि फतेहपुरा तगा और धौज जैसे मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री जुटाने का आइडिया आदिल ने दिया, क्योंकि वहां बिना कागजी औपचारिकताओं के कमरे किराए पर मिल जाते हैं।

26 अक्टूबर को सहारनपुर से गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर 26 अक्टूबर को सहारनपुर से डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया था। उसके कश्मीर स्थित घर से AK-47 समेत कई हथियार मिले। पूछताछ में आदिल टूट गया और उसने पूरी टेरर नेटवर्क की जानकारी दी। इसके बाद मुजम्मिल शकील को दबोचा गया और उसके खुलासे के बाद फरीदाबाद से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

9 नवंबर को फतेहपुर तगा में विस्फोटक मिला
NIA और स्थानीय पुलिस ने 9 नवंबर को गांव फतेहपुर तगा से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की, जिसे पुलिस पिकअप में डालकर ले गई।

अनंतनाग में सरकारी डॉक्टर थे आदिल और उमर
दोनों जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थे। बाद में आदिल सहारनपुर आ गया और उमर नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बन गया। संपर्क कभी नहीं टूटा।

शाहीन को मिली थी अहम भूमिका
शाहीन यूनिवर्सिटी की करिकुलम कमेटी में तीसरे नंबर पर थी। वह ब्रेन वॉश और नेटवर्क संचालित करने का काम करती थी। अब NIA उसे यूनिवर्सिटी में लेकर आकर पूछताछ करेगी कि मीटिंग कहाँ होती थी, कौन लोग शामिल होते थे और हथियार यूनिवर्सिटी में कैसे लाए व कहाँ छिपाए गए।

मुजम्मिल ने कराई दुकान की पहचान
निशानदेही के दौरान मुजम्मिल ने लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार से अमोनियम नाइट्रेट खरीदने की बात कबूल की