सरकार ने सोने के आयात पर कसी लगाम, अब एक बार में सिर्फ 100 किलो गोल्ड आयात की अनुमति
सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट नियमों को सख्त करते हुए एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत एक बार में 100 किलो सोना आयात की सीमा तय कर दी है। हर 15 दिन में CA प्रमाणित रिपोर्ट भी देनी होगी।
➤ सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट नियम किए और सख्त
➤ अब एडवांस ऑथराइजेशन में 100 किलो की सीमा
➤ हर 15 दिन में देनी होगी CA प्रमाणित रिपोर्ट
देश में लगातार बढ़ रहे सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अब गोल्ड इंपोर्ट से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी DGFT ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए तय किया है कि अब एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत एक बार में अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा। इससे पहले गोल्ड इंपोर्ट की कोई निश्चित सीमा तय नहीं थी।
पहली बार आवेदन करने वाली यूनिट का होगा निरीक्षण
सरकार ने योजना में कई नई शर्तें भी जोड़ दी हैं। अब पहली बार आवेदन करने वाली किसी भी यूनिट का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा।
इस दौरान अधिकारियों द्वारा यह जांच की जाएगी कि यूनिट वास्तव में मौजूद है या नहीं, उसकी उत्पादन क्षमता कितनी है और वह चालू स्थिति में है या नहीं।
सरकार का मानना है कि इससे फर्जी यूनिट्स और गलत तरीके से आयात करने वाले मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
क्या है एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम?
अग्रिम मंजूरी योजना (Advance Authorization Scheme) के तहत ज्वेलरी निर्यातकों को बिना शुल्क दिए सोना और अन्य कच्चा माल आयात करने की अनुमति मिलती है।
इस सोने का उपयोग निर्यात के लिए ज्वेलरी और अन्य उत्पाद तैयार करने में किया जाता है। अब सरकार ने इस प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
50% निर्यात पूरा होने पर ही मिलेगा नया लाइसेंस
नए नियमों के अनुसार, किसी भी निर्यातक को नया आयात लाइसेंस तभी मिलेगा जब वह पहले दिए गए लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत निर्यात पूरा कर चुका होगा।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयात किया गया सोना वास्तव में निर्यात आधारित उत्पादन में ही इस्तेमाल हो।
हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने अब रिपोर्टिंग सिस्टम भी काफी सख्त कर दिया है।
अब संबंधित कंपनियों और निर्यातकों को हर 15 दिन में आयात और निर्यात की रिपोर्ट जमा करनी होगी। खास बात यह है कि इस रिपोर्ट को किसी स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा।
इस कदम से सरकार को गोल्ड ट्रेड और इंपोर्ट गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
सोना-चांदी और प्लैटिनम पर बढ़ा आयात शुल्क
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकार ने हाल ही में सोना और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है।
सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। वहीं प्लैटिनम पर यह शुल्क 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट के चलते तेल और अन्य आयात महंगे हो रहे हैं। ऐसे में गैर-जरूरी आयात कम करना जरूरी है ताकि देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव कम किया जा सके।
Akhil Mahajan