प्रेमानंद महाराज के सामने कैलाश खेर ने गाया ‘बम लहरी’, खिलखिला उठे संत
वृंदावन में कैलाश खेर ने संत प्रेमानंद महाराज के सामने ‘बम लहरी’ भजन गाया और डांस किया। बांके बिहारी मंदिर में भी उन्होंने दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
➤प्रेमानंद महाराज के सामने कैलाश खेर ने गाया ‘बम लहरी’
➤भक्ति गीत और डांस देख खिलखिलाकर हंस पड़े संत प्रेमानंद
➤बांके बिहारी मंदिर में 30 मिनट तक एकटक निहारते रहे ठाकुरजी
प्रसिद्ध सूफी और भजन गायक कैलाश खेर शुक्रवार सुबह वृंदावन स्थित केलीकुंज आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की। इस दौरान भक्ति और संगीत का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि आश्रम का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
कैलाश खेर हाथ में मोरपंखी हार लेकर आश्रम पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज को प्रणाम किया और उन्हें मोरपंखी हार पहनाया। इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर भक्ति गीत गाना शुरू किया।
कैलाश खेर ने अपने मशहूर अंदाज में ‘बम लहरी’ भजन सुनाया। भजन गाते-गाते वह भक्ति में इतने डूब गए कि डांस करने लगे। उनका यह अंदाज देखकर संत प्रेमानंद महाराज खिलखिलाकर हंस पड़े। आश्रम में मौजूद श्रद्धालु भी इस दृश्य को देखकर आनंदित हो उठे।
करीब डेढ़ मिनट तक चले इस भक्ति प्रस्तुति के बाद संत प्रेमानंद महाराज ने मुस्कुराते हुए कहा, “बहुत सुंदर, बहुत बढ़िया।” इसके बाद कैलाश खेर ने एक और भजन सुनाने की इच्छा जताई, जिस पर महाराज ने सहमति दी।
इसके बाद कैलाश खेर ने अपने खास अंदाज में “5 वर्ष की मीरा लाडली हो, सखियां में खेला जाए री” भजन प्रस्तुत किया। भजन सुनने के बाद संत प्रेमानंद महाराज ने उनकी आवाज की जमकर सराहना की और कहा कि उनकी आवाज बेहद अच्छी है।
इससे पहले गुरुवार शाम को कैलाश खेर ने वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। मंदिर में फूल बंगला श्रृंगार के बीच विराजमान ठाकुरजी की छवि को वह लंबे समय तक निहारते रहे। बताया गया कि वह करीब 30 मिनट तक मंदिर में मौजूद रहे।
दर्शन के दौरान कैलाश खेर ने मंदिर की देहरी पर इत्र भी लगाया। इस अवसर पर मंदिर के सेवायत मोहित गोस्वामी ने उन्हें प्रसादी, अंग वस्त्र और प्रसाद भेंट किया।
कैलाश खेर के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों में उत्साह देखने को मिला। उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए लोगों में होड़ मच गई।
शुक्रवार सुबह जब कैलाश खेर रमण रेती स्थित आश्रम पहुंचे तो सेवादारों ने दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। संत प्रेमानंद महाराज ने उनसे हालचाल पूछा, जिस पर कैलाश खेर ने मुस्कुराते हुए कहा, “मस्त हैं।” इसके बाद पूरा आश्रम भक्ति संगीत से गूंज उठा।
Akhil Mahajan