युद्ध के साये से वतन वापसी, कतर से 500 भारतीयों की घर वापसी शुरू

कतर के दोहा से 500 भारतीयों की सुरक्षित वापसी शुरू हो गई है। ईरान-इजराइल तनाव के बीच हरियाणा के 5 युवा भी शामिल हैं, जो मिसाइल हमलों के बीच फंसे हुए थे।

युद्ध के साये से वतन वापसी, कतर से 500 भारतीयों की घर वापसी शुरू

दोहा कतर से 500 भारतीयों की वापसी, एयरपोर्ट से मिली फ्लाइट क्लियरेंस
ईरान-इजराइल तनाव के बीच हरियाणा के 5 युवा भी शामिल
मिसाइल अटैक और धमाकों से दहशत में थे भारतीय, अब राहत की सांस


मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कतर के दोहा से करीब 500 भारतीयों की सुरक्षित वापसी शुरू हो गई है। रोहतक जिले के गांव मायना निवासी सुरेंद्र उर्फ काला ने बताया कि सभी भारतीय दोहा एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं और उन्हें बोर्डिंग पास मिल चुका है। वे फ्लाइट में सवार होकर भारत लौटने के लिए तैयार हैं। लंबे समय से युद्ध जैसे हालात के बीच फंसे इन लोगों के चेहरों पर अब राहत और घर लौटने की खुशी साफ दिखाई दे रही है।सुरेंद्र के मुताबिक, कतर में काम करने वाले करीब 500 भारतीयों के अलावा 60-70 भारतीय ऐसे भी थे, जो ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच फंस गए थे। इनमें हरियाणा के 5 युवा भी शामिल हैं। इन सभी को सुरक्षित निकालने के बाद अब उन्हें भारत भेजा जा रहा है। हालात इतने तनावपूर्ण थे कि लोग हर पल डर और अनिश्चितता में जी रहे थे।दोहा कतर में एयरपोर्ट पर पहुंचे भारतीय।

सुरेंद्र ने बताया कि 28 फरवरी को पहली बार आसमान में मिसाइल दिखाई दी थी, जिसके बाद से वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। लगातार बमबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं और आसमान में मिसाइलों का धुआं नजर आता था। उनके होटल से महज 40 किलोमीटर दूर मिसाइलें गिर रही थीं, जिससे हर समय खतरे का एहसास बना रहता था।स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई भारतीयों को समुद्र के रास्ते रेस्क्यू किया गया। सुरेंद्र ने बताया कि रात करीब 2 बजे जैसे ही हमला हुआ, लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद बोट के जरिए 60-70 भारतीयों को समुद्र से सुरक्षित निकालकर जमीन पर लाया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा था।दोहा कतर में एयरपोर्ट पर पहुंचे भारतीय।

भारतीयों के लिए यह स्थिति और भी भयावह हो गई जब होली के दिन भी मिसाइल अटैक हुआ। सुबह उठते ही कतर सरकार की तरफ से अलर्ट मैसेज मिला कि फिर हमला हुआ है। बाहर निकलने पर आसमान में मिसाइल साफ दिखाई दी, जो कुछ ही दूरी पर जाकर गिरी। त्योहार के दिन भी लोग दहशत में रहे और घरों में कैद होकर अपने परिवार से फोन पर संपर्क बनाए रखा।सुरेंद्र के अनुसार, लगातार हो रहे मिसाइल हमलों और धमाकों की आवाजों से भारतीय पूरी तरह सहमे हुए थे। दिन-रात डर का माहौल बना रहता था। लोग अपने परिवार को फोन कर सुरक्षित होने की जानकारी देते थे, लेकिन अंदर ही अंदर सभी डरे हुए थे। अब जब वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो लोगों ने राहत की सांस ली है।