पानीपत में फर्जी दस्तावेज गिरोह का भंडाफोड़, पार्षद के नकली साइन से बन रहे थे प्रमाण पत्र
पानीपत में BJP पार्षद के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर से सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। चार CSC संचालकों समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया गया।
पानीपत में फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का खुलासा
BJP पार्षद के नकली साइन और मोहर से बनाए जा रहे थे प्रमाण पत्र
चार CSC संचालकों समेत कई लोगों पर FIR दर्ज
हरियाणा के पानीपत में सरकारी दस्तावेजों में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शहर के वार्ड-6 की BJP पार्षद कोमल पांचाल के नाम और पद की फर्जी मोहर तथा नकली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सरकारी प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पार्षद कोमल पांचाल ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक संगठित गिरोह लंबे समय से फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रशासन और आम जनता को गुमराह कर रहा था। एसपी के आदेशों के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली।
पार्षद के अनुसार 13 मार्च को नूरवाला स्थित एक कंप्यूटर सेंटर संचालक उनके पास 5 से 6 फाइलें लेकर पहुंचा। ये फाइलें हरियाणा निवास प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित थीं। जब उन्होंने फाइलों की जांच की तो वह हैरान रह गईं। फाइलों पर पहले से ही उनके नाम की मोहर और हस्ताक्षर लगे हुए थे, जबकि उन्होंने कभी इन दस्तावेजों पर साइन नहीं किए थे।
इस पूरे मामले के बाद पार्षद ने खुद स्तर पर जांच-पड़ताल शुरू की। जांच में कई CSC संचालकों और अन्य लोगों के नाम सामने आए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सतपाल नामक व्यक्ति आवेदकों को लेकर अलग-अलग CSC सेंटरों पर जाता था, जहां कथित तौर पर फर्जी मोहर और जाली हस्ताक्षर लगाए जाते थे।
शिकायत के मुताबिक, नूरवाला की CSC संचालक कमलजीत कौर, तहसील कैंप के CSC संचालक सौरव और नगर निगम के पास संचालित CSC सेंटर से जुड़े शर्मा नामक व्यक्ति पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि ये लोग दस्तावेजों पर फर्जी साइन और मोहर लगाकर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर देते थे।
पार्षद पति तरुण पांचाल ने दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मोनू चौहान नामक व्यक्ति है। उनका कहना है कि संबंधित CSC सेंटर भी उसी का संचालित है और लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं।
पार्षद कोमल पांचाल ने आशंका जताई कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय हो सकता है और पहले भी कई लोगों के दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी प्रमाण पत्र जारी करवाए गए होंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके पद और पहचान का दुरुपयोग नहीं है, बल्कि सरकारी व्यवस्था और नियमों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे गिरोह भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते हैं और सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और दस्तावेजों की संख्या व गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
Akhil Mahajan