हिसार में सफाई कर्मचारियों का विरोध तेज, सड़कों पर फेंका गया कचरा
हिसार में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। कचरा उठाने पहुंची निगम टीम का विरोध हुआ और कर्मचारियों ने ट्रॉलियों से कचरा वापस सड़क पर फेंक दिया।
- हिसार में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी
- कचरा उठाने पहुंची टीम का कर्मचारियों ने किया विरोध
- सड़कों पर 1500 मीट्रिक टन कचरा, प्रशासन बेबस नजर आया
हरियाणा के हिसार में नगर पालिका कर्मचारी संघ की मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को आठवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्य बाजारों, चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार शहर में अब तक करीब 1500 मीट्रिक टन कचरा जमा हो चुका है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी से बदबू और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है।
शनिवार को नगर निगम प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए तोशाम रोड, राजगुरु मार्केट और अन्य कुछ इलाकों से कचरा उठाने का प्रयास किया। इसके लिए ट्रॉलियों के जरिए कचरा एकत्रित किया गया, लेकिन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
विरोध कर रहे कर्मचारियों ने ट्रॉलियों में भरा कचरा वापस सड़कों पर गिरा दिया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए। हालांकि कर्मचारियों के आक्रोश के सामने पुलिस और प्रशासन दोनों ही बेबस नजर आए।
हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू ने बताया कि हड़ताल अब 11 मई तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई बार सहमति बनने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट भी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने को लेकर आदेश दे चुका है, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रही।
सुरेंद्र गोलू ने कहा कि सात दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई पहल नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन जारी रखने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा।
हड़ताल का असर अब नगर निगम की अन्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर में बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, NDC, NAC, मैरिज रजिस्ट्रेशन, नक्शों की मंजूरी और प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। इससे सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हिसार के मिल गेट एरिया, राजगुरु मार्केट, आजाद नगर, ऑटो मार्केट और ठंडी सड़क सहित कई इलाकों में गंदगी फैल चुकी है। स्थानीय लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
Akhil Mahajan