रेवाड़ी में किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, दो दिन बाद पहचान कोसली निवासी राकेश की मालगाड़ी से कटकर मौत जीआरपी जांच में जुटी
रेवाड़ी जिले में 45 वर्षीय किसान राकेश ने मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। दो दिन बाद शव की पहचान हो पाई। जीआरपी पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
■ रेवाड़ी में किसान ने मालगाड़ी के आगे कूदकर दी जान
■ दो दिन तक नहीं हो पाई शिनाख्त, मोर्चरी में रखा गया था शव
■ परिवार से पूछताछ कर सुसाइड की वजह तलाश रही जीआरपी
रेवाड़ी जिले में एक 45 वर्षीय किसान ने मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना 1 मार्च की है, लेकिन मृतक की पहचान दो दिन बाद हो पाई। मृतक की पहचान कोसली निवासी राकेश के रूप में हुई है, जो जमींदारी का काम करता था। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और पुलिस आत्महत्या के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार 1 मार्च को कोसली रेलवे स्टेशन मास्टर ने रेवाड़ी जीआरपी को सूचना दी कि एक व्यक्ति ने मालगाड़ी के आगे कूदकर अपनी जान दे दी है। सूचना मिलते ही जीआरपी टीम मौके पर पहुंची। शव की हालत ऐसी थी कि तत्काल पहचान संभव नहीं हो पाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम और शिनाख्त के लिए रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
दो दिन बाद मंगलवार को परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान कोसली निवासी राकेश के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में शोक का माहौल बना रहा।
जांच अधिकारी सत्यपाल के मुताबिक, फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि राकेश ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य मानसिक दबाव की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि राकेश खेती-किसानी और जमींदारी का काम करता था। वह सामान्य व्यवहार का व्यक्ति था और किसी से उसकी खुली रंजिश की जानकारी सामने नहीं आई है। अचानक उठाए गए इस कदम ने परिवार और गांव के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
जीआरपी पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
shubham