जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हरियाणा के CRPF जवान की गोली लगने से मौत

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में रेवाड़ी के CRPF जवान सतीश कुमार की गोली लगने से मौत हो गई। सर्विस राइफल से गोली चलने की आशंका जताई जा रही है।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हरियाणा के CRPF जवान की गोली लगने से मौत

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में रेवाड़ी के CRPF जवान की गोली लगने से मौत

सर्विस राइफल से चली गोली सिर के आरपार हुई, जांच जारी

मौत से कुछ देर पहले ही परिवार से हुई थी बातचीत


हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले CRPF जवान सतीश कुमार की जम्मू-कश्मीर में गोली लगने से मौत हो गई। घटना अनंतनाग जिले की हिलर पोस्ट पर हुई, जहां वह ड्यूटी पर तैनात थे।

सीआरपीएफ की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, सतीश कुमार के सिर में गोली लगी थी। गोली की आवाज सुनते ही आसपास तैनात जवान मौके पर पहुंचे। वहां सतीश जमीन पर गिरे हुए मिले, जबकि उनकी इंसास राइफल पास में पड़ी हुई थी।

प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सर्विस राइफल से अचानक गोली चलने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस और फोरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।

सीआरपीएफ रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार शाम साढ़े 6 बजे से साढ़े 8 बजे तक सतीश की ड्यूटी अनंतनाग की हिलर पोस्ट पर लगी हुई थी। शाम करीब 7 बजकर 47 मिनट पर गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद साथी जवान मौके पर पहुंचे और उन्हें गंभीर हालत में पाया।

सतीश के पार्थिव शरीर को सलामी देते सीआरपीएफ के जवान।

स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम को तुरंत सूचना दी गई। मौके पर जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

परिजनों के अनुसार, सतीश ने मौत से कुछ समय पहले ही परिवार से फोन पर बात की थी। उन्होंने घरवालों को बताया था कि सब कुछ ठीक है। परिवार के मुताबिक रात करीब 7 बजे बातचीत हुई थी और इसके लगभग पौने घंटे बाद ही उनके निधन की सूचना मिली।

सतीश कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम करीब 4 बजे उनके पैतृक गांव मामड़िया आसमपुर पहुंचा। गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे आकाश ने मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के दौरान सीआरपीएफ जवानों ने उन्हें सलामी दी। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

गांव के सरपंच अशोक यादव ने बताया कि सतीश करीब एक महीने पहले छुट्टी पर घर आए थे। ड्यूटी पर लौटने के बाद भी परिवार से लगातार संपर्क में थे।

सतीश परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। उनके पिता का भी करीब एक साल पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है।

घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजन अभी भी इस हादसे से सदमे में हैं।