गुरुद्वारा नानक दरबार माडल टाऊन में गुरु नानक देव जी का 486वां ज्योति-जोत दिवस श्रद्धा-सत्कार के साथ मनाया गया

समालखा गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब में गुरु नानक देव जी का 486वां ज्योति-जोत दिवस श्रद्धा और सत्कार के साथ मनाया गया, अखंड पाठ, शबद कीर्तन और लंगर कार्यक्रम आयोजित किए गए, प्रसाद और लंगर सेवा हीरा सिंह परिवार ने दी

गुरुद्वारा नानक दरबार माडल टाऊन में गुरु नानक देव जी का 486वां ज्योति-जोत दिवस श्रद्धा-सत्कार के साथ मनाया गया

➤ समालखा गुरुद्वारा में गुरु नानक देव जी का 486वां ज्योति-जोत दिवस
➤ अखंड पाठ, शबद कीर्तन और गुरु का लंगर आयोजित
➤ प्रसाद व लंगर सेवा हीरा सिंह परिवार द्वारा की गई

समालखा,अशोक शर्मा

समालखा में गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब, माडल टाऊन में गुरु नानक देव जी का 486वां ज्योति-जोत दिवस बड़े श्रद्धा और सत्कार के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधान जगतार बिल्ला ने संगत को संबोधित करते हुए बताया कि यह दिवस गुरु नानक देव जी के भौतिक शरीर के स्वर्गवास की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने ज्योति-जोत दिवस का अर्थ समझाया कि 'ज्योति-जोत' एक सिख वाक्यांश है, जो आध्यात्मिक रूप से मुक्त व्यक्ति की मृत्यु और आत्मा के परमात्मा में विलीन होने को दर्शाता है।

इस अवसर पर गुरुद्वारे में अखंड पाठ की समाप्ति, शबद कीर्तन, और गुरु का लंगर आयोजित किए गए, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह और भक्ति भाव के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान संगत ने गुरु नानक देव जी के उपदेशों और उनके संदेशों को याद किया।

लंगर और प्रसाद की सेवा इस अवसर पर हीरा सिंह परिवार की तरफ से की गई। इस आयोजन में समाज के विभिन्न गणमान्य लोग और संगत के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें सुरेन्द्र कुमार, नारायण दास, कृष्णा कौर, मनजीत कौर, सोनिया मल्होत्रा, सीमा अरोड़ा, रुंपीद्र कौर, राजरानी, सरोज देवी, कशिश कुमारी, भूपिन्द्र कौर, बबली कौर, कनिका अरोड़ा आदि शामिल थे। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था और सामूहिक भक्ति का अनुपम अनुभव संगत को प्रदान किया।