सोनीपत में डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए 166 टीमें मैदान में

सोनीपत में डेंगू और मलेरिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। 166 टीमें लार्वा जांच, जागरूकता और नियंत्रण अभियान चला रही हैं।

सोनीपत में डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए 166 टीमें मैदान में
  • सोनीपत में डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए 166 टीमें मैदान में
  • हाई रिस्क क्षेत्रों में घर-घर जाकर लार्वा की जांच और नष्ट करने की कार्रवाई
  • अब तक डेंगू के 5 मामले मिले, मलेरिया का कोई मरीज नहीं

सोनीपत जिले में डेंगू और मलेरिया के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने उन क्षेत्रों में विशेष चौकसी बढ़ा दी है, जहां पिछले वर्ष डेंगू के अधिक मामले सामने आए थे। इसके लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है, जो घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा की जांच कर रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जिन घरों या स्थानों पर लार्वा पाया जा रहा है, उसे मौके पर ही नष्ट किया जा रहा है। साथ ही संबंधित मकान मालिकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी जा रही है कि यदि दोबारा लार्वा मिला तो नियमानुसार जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले में फिलहाल डेंगू के पांच मामले सामने आए हैं, जबकि राहत की बात यह है कि अभी तक मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है। बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड बनाकर जांच के लिए लैब भेजी जा रही हैं, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण का समय रहते पता लगाया जा सके।

पिछले वर्ष जिले में 157 डेंगू मरीज मिले थे। जिन क्षेत्रों में 10 से अधिक मरीज मिले थे, उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क क्षेत्र घोषित किया है। इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है।

वर्तमान में विभाग की 166 टीमें जिलेभर में कार्य कर रही हैं। इनमें से 160 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं तथा लार्वा खोजकर नष्ट कर रही हैं। वहीं 6 टीमें शहरी क्षेत्रों में निगरानी अभियान चला रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लार्वा पनपने वाले स्थानों पर नियमित रूप से कीटनाशकों का छिड़काव भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन को रोकना है।

विभाग द्वारा प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस मनाया जाता है। इस दिन अस्पतालों, पीएचसी, सीएचसी और सरकारी कार्यालयों में कूलर, गमले, पानी की टंकियों और अन्य जल संग्रहण स्थलों की सफाई कराई जाती है। साथ ही नागरिकों को भी अपने घरों में सफाई रखने और पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जाता है।

डेंगू जांच की सुविधा के लिए जिला नागरिक अस्पताल सोनीपत और भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में निशुल्क जांच उपलब्ध कराई गई है। मरीजों को दो दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है। वहीं निजी लैब में डेंगू जांच के लिए अधिकतम 600 रुपये की शुल्क सीमा निर्धारित की गई है।

जिला डेंगू एवं मलेरिया अधिकारी डॉ. योगेश गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले थे, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। अस्पतालों में आने वाले बुखार के मरीजों की डेंगू और मलेरिया जांच भी कराई जा रही है ताकि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।