हरियाणा में 11 नए जिलों पर सहमति !रिपोर्ट CM को भेजी
हरियाणा में 11 नए जिलों पर कैबिनेट सब कमेटी ने मंथन किया। रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजी गई। 31 दिसंबर 2025 से पहले अंतिम निर्णय जरूरी, वरना मौका 2027 के बाद।
-
हरियाणा में 11 नए जिलों पर मंथन पूरा
-
कैबिनेट सब कमेटी ने रिपोर्ट CM नायब सैनी को भेजी
-
31 दिसंबर 2025 तक फैसला जरूरी, वरना मौका 2027 के बाद
हरियाणा में नए जिलों के गठन को लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण मंथन हुआ। कैबिनेट सब कमेटी ने बैठक के बाद 11 नए जिलों, सब-डिवीजन और तहसीलों के प्रस्तावों पर तैयार रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेज दी है। अब इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा।
बैठक के बाद कमेटी के चेयरमैन एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि नए जिलों को लेकर प्रदेशभर से 62 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से सभी पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अब निर्णय लेने की ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री पर होगी।
कैबिनेट सब कमेटी की बैठक यूएलबी मंत्री विपुल गोयल के आवास पर हुई, जिसमें कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और समिति की सदस्य आईएएस डॉ. सुमिता मिश्रा भी शामिल रहीं।
चर्चा किए गए 11 संभावित नए जिले
असंध (करनाल), नारायणगढ़ (अंबाला), मानेसर (गुरुग्राम), पटौदी (गुरुग्राम), पिहोवा (कैथल), हांसी (हिसार), बरवाला (हिसार), सफीदों (जींद), गोहाना (सोनीपत), डबवाली (सिरसा)।
गौरतलब है कि डबवाली और हांसी पहले ही पुलिस जिला घोषित किए जा चुके हैं।
निर्णय की समय सीमा
भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने निर्देश दिए हैं कि प्रशासनिक सीमाओं में किसी भी बदलाव का अंतिम निर्णय 31 दिसंबर 2025 से पहले हो जाना चाहिए, क्योंकि इसके बाद जनगणना प्रक्रिया शुरू होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो अगला अवसर जून 2027 के बाद मिलेगा।
नए जिले बनाने के मानदंड
प्रस्तावों के अनुसार नए जिले के लिए
-
125 से 200 के बीच गांव
-
4 लाख से अधिक जनसंख्या
-
80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल होना अनिवार्य है।
अब तक समिति को कुल 73 प्रशासनिक पुनर्गठन सुझाव मिले हैं, जिनमें गांव खुंगा (उचाना उपमंडल) और गांव खानपुर रोरां (पेहोवा तहसील) को जींद उपमंडल में शामिल करने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
Author1