₹107 करोड़ घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 131 करोड़ की संपत्ति अटैच; पूर्व बैंक अधिकारी निकला मास्टरमाइंड

पंचकूला नगर निगम के 107.24 करोड़ रुपए के कथित गबन मामले में ED ने 131.13 करोड़ की संपत्ति अटैच की। जांच में फर्जी खाते, मनी लॉन्ड्रिंग और लग्जरी संपत्तियों की खरीद के आरोप सामने आए।

₹107 करोड़ घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 131 करोड़ की संपत्ति अटैच; पूर्व बैंक अधिकारी निकला मास्टरमाइंड

पंचकूला नगर निगम के ₹107.24 करोड़ गबन मामले में ED ने 9 आरोपियों के खिलाफ शिकायत दाखिल की
131.13 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच, फर्जी खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने का आरोप
पूर्व बैंक अधिकारी समेत कई लोगों पर फर्जी दस्तावेज, मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति खरीदने के आरोप


पंचकूला नगर निगम के ₹107.24 करोड़ के कथित गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 131.13 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर दी है। ED चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने 9 आरोपियों के खिलाफ PMLA की धारा 44 और 45 के तहत प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल की है। साथ ही 29 जुलाई को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी कर बैंक खातों और अचल संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई पंचकूला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।

फर्जी खातों में ट्रांसफर किए गए नगर निगम के करोड़ों रुपए

ED की जांच में सामने आया कि नगर निगम के अधिकृत बैंक खातों से ₹107.24 करोड़ की राशि निकालकर नगर निगम के नाम पर ही फर्जी तरीके से खोले गए दो बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके बाद इस रकम को कई अन्य खातों और संपत्तियों के जरिए इधर-उधर घुमाकर उसकी वास्तविक पहचान छिपाने की कोशिश की गई।

फर्जी दस्तावेजों से खोले गए दो अनधिकृत बैंक खाते

जांच एजेंसी के मुताबिक कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह, नगर निगम पंचकूला के अधिकारी विकास कौशिक और बैंक कर्मचारी दिलीप राघव की कथित मिलीभगत से नगर निगम के नाम पर दो अनधिकृत बैंक खाते खोले गए। इन खातों के लिए नगर निगम के नाम से फर्जी दस्तावेज और जाली अथॉराइजेशन लेटर तैयार किए गए।

ED का आरोप है कि नगर निगम की वास्तविक मंजूरियों और अधिकृत निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए समानांतर फर्जी पत्र तैयार किए गए, जिनके आधार पर बैंकिंग प्रक्रिया पूरी की गई।

मोबाइल नंबर और ई-मेल भी थे आरोपियों के नियंत्रण में

जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी खातों के अलावा नगर निगम के वास्तविक बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी ऐसे नंबरों और ई-मेल से अपडेट किए गए, जिन पर पुष्पिंदर सिंह और विकास कौशिक का प्रभावी नियंत्रण था।

ED के अनुसार इसी वजह से बैंक की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली और ट्रांजेक्शन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को दरकिनार किया गया। फर्जी लेनदेन की पुष्टि भी उन्हीं मोबाइल नंबरों और ई-मेल आईडी पर कराई गई, जिनका नियंत्रण आरोपियों के पास था।

कई खातों में घुमाई रकम, फिर खरीदी गई संपत्तियां और लग्जरी गाड़ियां

जांच एजेंसी के अनुसार फर्जी खातों में पहुंची रकम को बाद में रजत दहिया, स्वाति तोमर, कपिल कुमार, विनोद कुमार, सोनिया, एसके एग्रोटेक और एसके एग्रोफर्म सहित कई व्यक्तियों और संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर किया गया।

इसके बाद यह राशि कथित तौर पर पुष्पिंदर सिंह, उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर और अन्य माध्यमों तक पहुंचाई गई। ED का दावा है कि इस पैसे से अचल संपत्तियों के अलावा लग्जरी कारें, महंगी घड़ियां और फर्नीचर खरीदे गए।

36 प्रतिशत सालाना ब्याज पर दिए गए असुरक्षित लोन

जांच में यह भी सामने आया कि कथित गबन की रकम से सनी गर्ग, प्रियंका गर्ग, समर मोहन रंगा, आर्यन सिंह और कुछ कंपनियों को असुरक्षित ऋण दिए गए। ED के अनुसार इन ऋणों पर 3 प्रतिशत प्रतिमाह, यानी लगभग 36 प्रतिशत सालाना की दर से नकद ब्याज वसूला जाता था।

पत्नी की कंपनी के कारोबार में अचानक आई तेजी

ED ने बताया कि पुष्पिंदर सिंह की पत्नी प्रीति ठाकुर की कंपनी चौधरी एंड सेठी लीगल एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड के कारोबार और मुनाफे में वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान अचानक वृद्धि दर्ज की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस कंपनी का इस्तेमाल कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई चल और अचल संपत्तियों के निस्तारण के लिए किया गया।

Porsche से लेकर BMW और Land Cruiser तक खरीदीं महंगी गाड़ियां

ED के अनुसार कथित गबन की रकम से Porsche Cayenne, BMW 740LI, BMW X7, BMW 749I, Jeep Wrangler 2021, Jeep Wrangler 2024, BMW Z4, Land Cruiser और Harley Davidson जैसी लग्जरी गाड़ियां खरीदी गईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मामला उजागर होने के बाद इनमें से कई वाहन तीसरे पक्ष को बेच दिए गए।

बहन के नाम ट्रांसफर की सेक्टर-2 की संपत्ति

जांच एजेंसी के मुताबिक फ्रॉड सामने आने के बाद पुष्पिंदर सिंह ने सेक्टर-2, पंचकूला स्थित अपनी संपत्ति बहन गुनिता सेठी के नाम बेच दी। ED का दावा है कि इस लेनदेन से मिली रकम का संबंध उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर की कंपनी से जुड़ा मिला है। एजेंसी ने इसे वास्तविक स्वामित्व छिपाने और PMLA के तहत संभावित अटैचमेंट से बचने का प्रयास बताया है।

131.13 करोड़ की संपत्ति अटैच

ED के अनुसार नगर निगम की कुल ₹107.24 करोड़ की राशि कथित रूप से अवैध खातों और विभिन्न व्यक्तियों के खातों में पहुंचाई गई। इसके अलावा आरोपियों ने इस रकम से ब्याज के रूप में भी आर्थिक लाभ कमाया। एजेंसी ने कुल ₹131.13 करोड़ की संपत्ति अटैच की है, जिसमें ₹12.85 करोड़ बैंक खातों में जमा राशि और ₹118.28 करोड़ की अचल संपत्तियां शामिल हैं।