मिंजर मेले के बाद CM सुक्खू ने किया कुछ ऐसा... चंबा की छोटी सी दुकान में कटवाए बाल, लोगों ने कहा- यही है सादगी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के समापन के बाद चंबा बाजार की एक साधारण दुकान में हजामत करवाई। उनकी सादगी की लोगों ने जमकर सराहना की।

मिंजर मेले के बाद CM सुक्खू ने किया कुछ ऐसा... चंबा की छोटी सी दुकान में कटवाए बाल, लोगों ने कहा- यही है सादगी

➤ अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के समापन के बाद मुख्यमंत्री सीधे पहुंचे स्थानीय हेयर कटिंग सैलून

➤ खोखानुमा छोटी दुकान में आम लोगों की तरह करवाई हजामत, देखने वालों की लगी भीड़

➤ बाजार में मौजूद लोगों ने कहा- मुख्यमंत्री की सादगी ने जीत लिया दिल


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार को चंबा में एक बार फिर अपनी सादगी से लोगों का ध्यान खींच लिया। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के समापन समारोह और रावी नदी में पारंपरिक मिंजर विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री किसी वीआईपी व्यवस्था की बजाय सीधे चंबा बाजार पहुंच गए। यहां उन्होंने एक साधारण हेयर कटिंग की दुकान में बैठकर आम लोगों की तरह हजामत (हेयर कटिंग) करवाई।

मुख्यमंत्री को एक छोटी सी खोखानुमा दुकान में सामान्य ग्राहक की तरह बैठा देखकर वहां मौजूद लोग कुछ देर के लिए हैरान रह गए। देखते ही देखते दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया।

सादगी ने जीता लोगों का दिल

स्थानीय लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री का बिना किसी विशेष तामझाम के एक साधारण दुकान में जाकर हजामत करवाना उनकी सहजता और सादगी को दर्शाता है। लोगों ने कहा कि आम नागरिकों के बीच इस तरह पहुंचना मुख्यमंत्री की अलग कार्यशैली को दिखाता है।

मिंजर मेले के समापन के बाद पहुंचे बाजार

इससे पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की भव्य शोभायात्रा का नेतृत्व किया था। उन्होंने परंपरा के अनुसार रावी नदी में मिंजर विसर्जन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना भी की। इसके बाद उन्होंने चंबा बाजार का रुख किया, जहां उनकी सादगी चर्चा का विषय बन गई।

सोशल मीडिया पर भी हो रही चर्चा

मुख्यमंत्री की स्थानीय दुकान में हजामत करवाते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। कई लोगों ने इसे "जमीन से जुड़े मुख्यमंत्री" की पहचान बताया, जबकि कुछ ने इसे जनता के बीच सहज उपस्थिति का उदाहरण कहा।