70 लाख के इंजेक्शन पकड़े, ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई
गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोल विभाग ने छापेमारी कर 70 लाख रुपए के संदिग्ध इंजेक्शन बरामद किए हैं। मामले में एक कर्मचारी हिरासत में है और जांच जारी है।
➤ गुरुग्राम में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई, 70 लाख के इंजेक्शन जब्त
➤ इटली की कंपनी के नाम पर अवैध सप्लाई का शक
➤ प्रति डोज 13 से 25 हजार, मोटापा और डायबिटीज में इस्तेमाल
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोल विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध इंजेक्शनों की एक बड़ी खेप पकड़कर हड़कंप मचा दिया है। डीएलएफ फेज-4 इलाके में की गई छापेमारी के दौरान टीम ने एक गाड़ी से हजारों इंजेक्शन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार विभाग को इन इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई की सूचना मिली थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने गाड़ी को रोका और उसमें सवार कंपनी के कर्मचारी मुज्जमिल को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान सामने आया कि इंजेक्शन की प्रति डोज कीमत 13 हजार से 25 हजार रुपए तक है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह इंजेक्शन दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट से गुरुग्राम लाए जा रहे थे, जबकि इनकी बिलिंग स्थानीय पते पर की गई थी। विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है।
बताया जा रहा है कि ये इंजेक्शन Mounjaro जैसे प्रोडक्ट से जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें मूल रूप से डायबिटीज के इलाज के लिए बनाया गया है, लेकिन हाल के समय में इनका इस्तेमाल तेजी से वजन घटाने के लिए भी किया जा रहा है। इस बढ़ती मांग का फायदा उठाकर अवैध सप्लाई चेन सक्रिय हो गई है।
छापेमारी के दौरान आरोपी कर्मचारी ने पहले मौके से निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद वह रोने लगा और खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह केवल कंपनी का सैलरी बेस्ड कर्मचारी है और डिलीवरी के लिए आया था।
ड्रग इंस्पेक्टर अमनदीप चौहान ने बताया कि इंजेक्शनों के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। अब यह जांच की जा रही है कि ये इंजेक्शन असली हैं या नकली और क्या इन्हें बिना लाइसेंस के बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित सप्लायर और नेटवर्क के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सप्लाई चेन के हर स्तर पर जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि दवाइयां केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खरीदें और हमेशा बिल लें। साथ ही दवा का बैच नंबर और पैकेजिंग जरूर जांचें, ताकि नकली दवाओं से बचा जा सके।
Akhil Mahajan