पीएम बोले-मैं माताओं-बहनों का क्षमाप्रार्थी, नारी अपमान नहीं भूलती; जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पास न होने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। इससे सियासी माहौल गरमा गया है।
➤ PM नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पास न होने पर मांगी माफी
➤ विपक्ष पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- आधी आबादी का अधिकार छीना
➤ कांग्रेस, TMC, DMK समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास न होने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह बिल पारित न हो पाना बेहद दुखद है और इससे देश की नारी शक्ति को नुकसान हुआ है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ दलों के लिए दलहित देशहित से ऊपर हो गया है। इसी कारण महिलाओं को उनका हक नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि वे सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगते हैं।
अपने भाषण में पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस, TMC और DMK जैसे दलों ने इस बिल का विरोध कर नारी शक्ति के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने संसद में इस कानून की ‘भ्रूणहत्या’ कर दी।
पीएम ने कहा कि यह बिल 40 साल से लंबित महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का प्रयास था। इसके जरिए महिलाओं को 33% आरक्षण देकर उन्हें नई शक्ति और अवसर देने की योजना थी। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण का महायज्ञ बताया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष ने सदन में जिस तरह का व्यवहार किया, वह नारी सम्मान के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अपमान कभी भुलाया नहीं जाता और देश की महिलाएं इस घटना को याद रखेंगी।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिन्होंने महिला आरक्षण का विरोध किया है, उन्हें इस ‘पाप की सजा’ जरूर मिलेगी। जनता उन्हें जवाब देगी।
वहीं, संबोधन से पहले ममता बनर्जी ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बिल राजनीतिक फायदे के लिए लाया गया था और इससे देश को बांटने की कोशिश की गई।
गौरतलब है कि लोकसभा में यह बिल पास नहीं हो सका, जिससे मोदी सरकार को 12 साल में पहली बार किसी बड़े विधेयक पर झटका लगा है। अब महिलाओं को 33% आरक्षण लागू होने के लिए नई जनगणना और परिसीमन का इंतजार करना होगा।
Akhil Mahajan