भिवानी के फौजी और युवती के शव राजस्थान में पेड़ से लटके मिले

भिवानी के फौजी और झुंझुनूं की युवती के शव पेड़ से लटके मिले। इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संबंध मौत में बदल गया। परिवार ने सल्फास और फंदे को लेकर जांच की मांग की।

भिवानी के फौजी और युवती के शव राजस्थान में पेड़ से लटके मिले

भिवानी के फौजी और युवती के शव राजस्थान में पेड़ से लटके मिले
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती प्रेम संबंध में बदली, दोनों ने जान दी
परिवार ने उठाए सवाल—जहर खाया तो फंदा क्यों लगाया


 हरियाणा के भिवानी जिले के एक फौजी और राजस्थान के झुंझुनूं की युवती के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान सुनील कुमार (31) निवासी चांगबड़ी, भिवानी और इंदुबाला (27) निवासी खींवासर के रूप में हुई है। दोनों के शव गांव भोड़की के श्मशान भूमि के पास कीकर के पेड़ पर चुन्नी से लटके मिले।

घटनास्थल पर एक बाइक और पास ही सल्फास की गोलियां भी मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि दोनों ने पहले जहरीला पदार्थ खाया और फिर फंदा लगाकर जान दे दी।

पेड़ पर लटका मिला प्रेमी युगल का शव।

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। बताया जा रहा है कि सुनील शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं, जबकि युवती की सगाई हो चुकी थी और परिवार उसकी शादी की तैयारी में जुटा था।

परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले सुनील को उसकी पत्नी ने वीडियो कॉल पर युवती से बात करते देख लिया था, जिसके बाद घर में विवाद हुआ। इसके बाद सुनील एक माह की छुट्टी पर घर आया हुआ था और गुरुवार शाम को बिना बताए बाइक लेकर निकल गया। रात तक घर न लौटने पर परिजन चिंतित थे, जबकि शुक्रवार सुबह उसकी मौत की सूचना मिली।

पुलिस के अनुसार, सुनील प्रयागराज में आर्मी की सिग्नल कोर में तैनात था और हाल ही में उसका तबादला जम्मू-कश्मीर के राजौरी में हुआ था। वह करीब 15 दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था।

दूसरी ओर, युवती के परिवार ने बताया कि वह गुरुवार शाम को घर से अचानक गायब हो गई थी। रातभर तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह पुलिस से घटना की जानकारी मिली।

हालांकि, इस पूरे मामले में मृतक सुनील के परिवार ने संदेह जताया है। उसके भाई का कहना है कि यदि दोनों ने फंदा लगाकर जान दी, तो फिर सल्फास क्यों खाया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और इसे संदिग्ध मानते हुए कई सवाल उठाए हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

उधर, सुनील का अंतिम संस्कार भिवानी में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए।