क्रास वोटिंग करने वाले पांचवें विधायक का नाम भी आया सामने: रतिया सीट पर 30 साल बाद कांग्रेस की वापसी करवाने वाले विधायक जरनैल सिंह ने की खिलाफत
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के मामले में कांग्रेस ने रतिया विधायक जरनैल सिंह को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है।
■ राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन, 5वें MLA को नोटिस
■ रतिया विधायक जरनैल सिंह से 7 दिन में जवाब तलब, पहले 4 को भी भेजा नोटिस
■ पार्टी के अंदर बढ़ते आक्रोश के बाद आधी रात को लिया गया फैसला
हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के मामले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस पार्टी ने अब इस मामले में पांचवें विधायक का नाम सार्वजनिक कर दिया है। फतेहाबाद के रतिया से विधायक जरनैल सिंह को पार्टी की अनुशासन समिति ने नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
अनुशासन समिति के सदस्य सचिव एडवोकेट रोहित जैन ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक की ओर से नारायणगढ़ की शैली चौधरी, साढौरा की रेनू बाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास और हथीन के मोहम्मद इजराइल को भी नोटिस जारी किया जा चुका है। पांचवें नाम को लेकर लंबे समय से सस्पेंस बना हुआ था, जो अब जाकर खत्म हुआ है।
कांग्रेस द्वारा जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण वोट पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में नहीं गया। पार्टी ने इसे संविधान, नियम और अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए जवाब मांगा है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित विधायक के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं, खासकर इसलिए क्योंकि जरनैल सिंह की पहचान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट से मानी जाती है। सूत्रों के अनुसार इसी वजह से उनके नाम पर देरी हुई और पार्टी ने पहले चार विधायकों के नाम उजागर कर दिए, जबकि पांचवें नाम को लेकर चुप्पी साधे रखी गई।
हालांकि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और बागी सुरों को देखते हुए गुरुवार देर रात बड़ा फैसला लिया गया और शुक्रवार सुबह आधिकारिक रूप से जरनैल सिंह को भी नोटिस जारी कर दिया गया। यह कदम कांग्रेस के भीतर अनुशासन बनाए रखने और संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है कि पार्टी लाइन से हटकर कोई भी फैसला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि जरनैल सिंह वही विधायक हैं जिन्होंने रतिया सीट पर करीब 30 साल बाद कांग्रेस की वापसी करवाई थी, लेकिन हाल के दिनों में वे कई मंचों पर मुख्यमंत्री नायब सैनी के कामकाज की सराहना करते भी नजर आए हैं, जिससे उनके रुख को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
Akhil Mahajan