अब जोमैटो से खाना महंगा

जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस में 19% की बढ़ोतरी कर दी है। अब हर ऑर्डर पर ₹14.90 शुल्क देना होगा, जिससे फूड डिलीवरी महंगी हो गई है।

अब जोमैटो से खाना महंगा

जोमैटो की प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ी, हर ऑर्डर अब और महंगा
₹12.50 से बढ़कर ₹14.90 हुई फीस, हर ऑर्डर पर ₹2.40 अतिरिक्त बोझ
स्विगी के बराबर पहुंची कीमत, बढ़ती लागत और मुनाफा लक्ष्य वजह



ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato से खाना ऑर्डर करना अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। कंपनी ने 20 मार्च से अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 19% की बढ़ोतरी कर दी है। अब यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 की जगह ₹14.90 फीस देनी होगी, यानी प्रति ऑर्डर ₹2.40 का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

यह प्लेटफॉर्म फीस एक अतिरिक्त चार्ज होता है, जो GST, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग लिया जाता है। कंपनी के अनुसार, यह शुल्क ऑपरेशनल खर्च और प्लेटफॉर्म को बनाए रखने के लिए लिया जाता है। Zomato रोजाना करीब 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है, ऐसे में फीस में यह मामूली बढ़ोतरी कुल मिलाकर कंपनी के रेवेन्यू पर बड़ा असर डाल सकती है।

इस बढ़ोतरी के बाद Swiggy और जोमैटो के बीच प्लेटफॉर्म फीस का अंतर लगभग खत्म हो गया है। स्विगी फिलहाल टैक्स सहित करीब ₹14.99 प्लेटफॉर्म फीस वसूल रहा है। आमतौर पर देखा गया है कि एक कंपनी के रेट बढ़ाने पर दूसरी कंपनी भी जल्द ही अपने चार्ज बढ़ा देती है।

पिछले कुछ समय में कंपनी लगातार प्लेटफॉर्म फीस में बदलाव करती रही है। अगस्त 2023 में Zomato ने पहली बार ₹2 फीस शुरू की थी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर पहले ₹3, फिर ₹4 और बाद में ₹7 तक किया गया। सितंबर 2025 में भी इसमें करीब 20% की बढ़ोतरी की गई थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार फीस बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक लागत हैं। ईंधन महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च बढ़ जाता है, जिसका असर कंपनियों के ऑपरेशन पर पड़ता है। इसके अलावा, कंपनी अपने मुनाफे (प्रॉफिटेबिलिटी) को बेहतर करने के लिए भी ऐसे कदम उठाती है।

गौरतलब है कि दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने 2008 में फूडीबे नाम से इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी, जिसे बाद में 2010 में जोमैटो नाम दिया गया। आज यह भारत के सबसे बड़े फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स में से एक है।