हरियाणा विद्युत निगम में ड्रेस कोड लागू: अब कॉलर शर्ट व फॉर्मल ड्रेस में ही दिखेंगे अधिकारी

हरियाणा बिजली विभाग में अब कैजुअल ड्रेस पर रोक। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के लिए कॉलर शर्ट और फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य की। नियम तोड़ने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई।

हरियाणा विद्युत निगम में ड्रेस कोड लागू: अब कॉलर शर्ट व फॉर्मल ड्रेस में ही दिखेंगे अधिकारी
  • हरियाणा विद्युत निगम ने क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया

  • पुरुषों को कॉलर वाली शर्ट और ट्राउजर, महिलाओं को फॉर्मल परिधान पहनना अनिवार्य

  • नियम तोड़ने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी


चंडीगढ़। हरियाणा में अब बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दफ्तरों में कैजुअल कपड़े पहनकर नहीं जा सकेंगे। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) ने क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के लिए औपचारिक ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया है। आदेश के अनुसार, अब पुरुष अधिकारियों को कॉलर वाली शर्ट और मैचिंग ट्राउजर पहननी होगी, जबकि महिला अधिकारियों को फॉर्मल ड्रेस पहनने का निर्देश दिया गया है।

यह नियम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर सभी पर लागू होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। निगम के मुख्य अभियंता (प्रशासन) मुकेश चौहान की ओर से 30 अक्तूबर को यह पत्र जारी किया गया, जिसकी प्रति सभी वरिष्ठ अधिकारियों और विभाग प्रमुखों को भेजी गई है।

मुख्य अभियंता ने कहा कि यह कदम केवल वस्त्रों से जुड़ा नहीं है, बल्कि कार्यालय में अनुशासन, व्यावसायिकता और मर्यादा बनाए रखने का प्रतीक है। इससे कार्यस्थल का माहौल और अधिक पेशेवर व गरिमामय बनेगा।


पुरुष अधिकारियों के लिए नियम

पुरुष अधिकारियों को कॉलर वाली शर्ट (पूरी या आधी बाजू) के साथ मैचिंग ट्राउजर पहननी होगी। शर्ट प्रेस की हुई और ट्राउजर के अंदर टक की हुई होनी चाहिए। लेदर जूते और मोजे अनिवार्य किए गए हैं। बिना मोजे जूते पहनना नियम उल्लंघन माना जाएगा।
इसके अलावा अधिकारी रोजाना शेव करके ही दफ्तर आएंगे और बाल व मूंछें व्यवस्थित रखनी होंगी।


महिला अधिकारियों के लिए नियम

महिलाओं को फॉर्मल परिधान और सादे फुटवियर पहनने का आदेश दिया गया है। फ्लिप-फ्लॉप, स्लीपर, बूट या चटकदार जूते और चमकदार कपड़े पहनना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही आपत्तिजनक शब्द या चित्र वाले वस्त्र पहनने पर सख्त मनाही है।

निगम का कहना है कि यह आदेश कार्यालयीन माहौल में एकरूपता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है।