हरियाणा विधानसभा सत्र का कांग्रेस ने बायकॉट, बाहर चला पैरलल सदन
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर बाहर पैरलल सदन चलाया। नारी वंदन प्रस्ताव पर सियासी टकराव तेज, BJP और कांग्रेस आमने-सामने।
विधानसभा स्पेशल सत्र का कांग्रेस ने किया बायकॉट
सदन के बाहर कांग्रेस ने शुरू की पैरलल कार्यवाही
BJP MLA बोलीं- नारी अच्छे-अच्छों को ठीक कर देती है
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर सियासत गरमा गई है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव के लिए बुलाए गए इस सत्र का कांग्रेस ने बायकॉट कर दिया। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर ही पैरलल सदन चलाना शुरू कर दिया है।
सदन के बाहर चल रही इस समानांतर कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रघुबीर कादियान और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सहित कई नेता मौजूद रहे। कांग्रेस विधायकों ने शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद दो मिनट का मौन भी रखा।
हुड्डा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विषय को विधानसभा में ला रही है, जिसका सदन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रस्ताव के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।
वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के बहिष्कार को गैर जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का महिलाओं के प्रति रवैया पहले जैसा ही है और उन्हें सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए थी।
इस बीच बीजेपी विधायक विमला चौधरी का बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ऐसी है जो जब अपने पर आती है तो अच्छे-अच्छों को ठीक कर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का यह बिल रुकने वाला नहीं है और महिलाओं को पूरा सम्मान मिलेगा।
सदन से पहले कांग्रेस के 5 सस्पेंड विधायक—शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह—विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि जरनैल सिंह, रेनू बाला और शैली चौधरी सदन की कार्यवाही में शामिल हुए।
जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए था और उन्हें सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए थी।
सदन के बाहर कांग्रेस की पैरलल कार्यवाही के दौरान हंगामा भी देखने को मिला। आदित्य सुरजेवाला के बोलते समय सत्ता पक्ष की भूमिका निभा रहे विधायकों ने टोका-टाकी की, जिससे माहौल गरमा गया।
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं को आरक्षण देने के बजाय उन्हें केवल वोट का साधन मान रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 33% आरक्षण का समर्थन करती है और इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए।
वहीं बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस की इस पैरलल कार्यवाही को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि विपक्ष महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।
pooja