‘डुप्लीकेट विधानसभा’ चलाने का प्रयास सदन और महिलाओं का अपमान
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर जोर देते हुए विपक्ष पर लोकतंत्र और सदन के अपमान के आरोप लगाए।
➤ महिलाओं के अधिकार और सम्मान पर केंद्रित रहा विशेष सत्र
➤ मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर लोकतंत्र और सदन का अपमान करने का आरोप लगाया
➤ महिला आरक्षण और योजनाओं को लेकर सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट की
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सदन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लाया गया प्रस्ताव किसी भी प्रकार का राजनीतिक या निंदा प्रस्ताव नहीं है, बल्कि यह माता-बहनों के मान-सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष और अन्य विपक्षी नेता सदन में उपस्थित रहने के बजाय विधानसभा की पार्किंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘डुप्लीकेट विधानसभा’ चलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब सदन के इतिहास में ऐसा देखने को मिला है कि निर्वाचित प्रतिनिधि सदन से बाहर रहकर समानांतर गतिविधियां चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महान सदन और महिलाओं का अपमान करार दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस के विधायक जरनैल सिंह ने स्वयं अपने बयान में माना कि उनकी पार्टी की सोच में बदलाव की जरूरत है। ऐसे में उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में सदन से निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही।
सत्र के दौरान विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती, तो वर्ष 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। इसी कारण केंद्र सरकार ने समय रहते कदम उठाते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की दिशा में पहल की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक छह किस्तें महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि इस योजना के लाभार्थियों का बीपीएल कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनमें संविधान संशोधन, परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानून शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को बिना देरी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसने परिसीमन को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल विपक्ष की आलोचना के लिए नहीं, बल्कि यह संदेश देने के लिए है कि जो भी महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे जनता के न्याय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की।
Akhil Mahajan