हरियाणा, चंडीगढ़-पंजाब से हिमाचल जाना महंगा, एंट्री फीस में ₹230 तक बढ़ोतरी, जानें
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री फीस में ₹30 से ₹230 तक बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी और फास्टैग अनिवार्य रहेगा।
➤ बाहरी राज्यों के वाहनों पर ₹30 से ₹230 तक एंट्री टैक्स बढ़ा
➤ 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू, फास्टैग अनिवार्य
➤ पर्यटन और ट्रांसपोर्ट दरों पर पड़ सकता है सीधा असर
हिमाचल प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश अब सैलानियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए महंगा होने जा रहा है। राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री फीस में 30 से 230 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इस फैसले का सीधा असर हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर पड़ेगा, जो बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश का रुख करते हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बढ़ोतरी अलग-अलग श्रेणी के वाहनों पर लागू होगी। छोटे निजी वाहनों से लेकर वाणिज्यिक और मालवाहक गाड़ियों तक सभी पर संशोधित दरें प्रभावी होंगी। इससे पर्यटन के साथ-साथ ढुलाई और ट्रांसपोर्ट लागत में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
ऑनलाइन नीलामी और फास्टैग अनिवार्य
नई टोल बैरियर नीति के तहत एंट्री फीस की वसूली अब बैरियरों पर ही की जाएगी, लेकिन प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा। फास्टैग अनिवार्य किया जा रहा है ताकि भुगतान तेज और पारदर्शी हो सके।
बैरियरों की नीलामी अब ऑनलाइन माध्यम से होगी। जिला स्तर पर उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी, जो संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगी।
सरकार ने ठेकेदारों को 15 दिन के भीतर फास्टैग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लागू करने के निर्देश दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि इससे लंबी कतारें और जाम की समस्या कम होगी और वाहनों की आवाजाही सुगम बनेगी।
पर्यटन कारोबार में चिंता
एंट्री फीस बढ़ोतरी से पर्यटन उद्योग में हलचल है। खासकर शिमला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के होटल और ट्रैवल कारोबारियों ने चिंता जताई है। शिमला के होटल व्यवसायी अश्वनी सूद का कहना है कि बढ़ी हुई एंट्री फीस का असर पर्यटकों की संख्या पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लागत बढ़ती है तो इसका प्रभाव होटल बुकिंग, टैक्सी किराया और माल ढुलाई दरों पर भी दिख सकता है। आने वाले पर्यटन सीजन में इसका वास्तविक असर साफ नजर आएगा।
Akhil Mahajan