CRPF की वर्दी में शराब तस्करी का खेल बेनकाब: हरियाणा में 502 पेटी अवैध शराब से भरा कैंटर पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार
पानीपत के सेक्टर 40 में CRPF की वर्दी पहनकर अवैध शराब तस्करी कर रहे दो आरोपियों को पुलिस ने 502 पेटी शराब सहित गिरफ्तार किया। फर्जी आईकार्ड और कैंटर भी जब्त।
➤ सेक्टर 40 पार्किंग से 502 पेटी अवैध शराब बरामद
➤ CRPF की वर्दी और फर्जी आईकार्ड के सहारे तस्करी
➤ Excise Act और BNS की धाराओं में केस दर्ज
पानीपत। जिला पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक ऐसे शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसने सुरक्षा बलों की साख का दुरुपयोग कर कानून को खुली चुनौती दी। सेक्टर 40 की पार्किंग में खड़े एक नीले रंग के कैंटर से 502 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की गई। मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया, जो CRPF की वर्दी पहनकर और फर्जी पहचान पत्र के जरिए पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे।
मामला 18 फरवरी की शाम का है। CIA-1 के ASI अनिल कुमार की टीम टोल प्लाजा के पास गश्त पर थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति CRPF की वर्दी में कैंटर (HR68A0753) में अवैध शराब लेकर सेक्टर 40 की पार्किंग में रुके हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने आबकारी निरीक्षक अरविंद डागर को साथ लेकर संयुक्त छापेमारी की।
‘पुलिस’ लिखे कैंटर के अंदर था खेल
पुलिस जब कैंटर के पास पहुंची तो आगे ‘पुलिस’ लिखा हुआ मिला। अंदर दो युवक अर्धसैनिक बल की वर्दी में आराम करते दिखे। तलाशी के दौरान उनके पास से राजिन्द्र सिंह और सुखविन्द्र सिंह नाम से बने CRPF पहचान पत्र मिले।
गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आईकार्ड फर्जी थे। आरोपियों की असली पहचान मोनू (गांव खोजकीपुर, थाना बापौली) और संदीप (गांव आटा, थाना समालखा) के रूप में हुई। दोनों ने कबूल किया कि वे रास्ते में चेकिंग से बचने और शक से दूर रहने के लिए वर्दी व नकली आईकार्ड का सहारा लेते थे।
502 पेटी शराब, हटाए गए बैच नंबर
आबकारी विभाग की मौजूदगी में जब कैंटर का पिछला डाला खुलवाया गया तो अंदर भारी मात्रा में शराब भरी मिली। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए कई बोतलों से बैच नंबर तक हटा दिए थे, ताकि स्रोत का पता न चल सके।
कड़ी कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने कैंटर, अवैध शराब, फर्जी आईकार्ड और वर्दी को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ Excise Act की धारा 61/4/20 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि शराब कहां से लाई गई और किन क्षेत्रों में सप्लाई होनी थी।
यह खुलासा बताता है कि अपराधी कानून से बचने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस बार उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
Akhil Mahajan