हिमाचल में बारिश बनी जानलेवा: कार पर चट्टान गिरने से डॉक्टर दंपत्ति की मौत, बेटी घायल; किन्नौर का संपर्क टूटा
हिमाचल में भारी बारिश के बीच आनी में कार पर चट्टान गिरने से डॉक्टर दंपत्ति की मौत हो गई, बेटी घायल हुई। किन्नौर में NH-5 बंद है और कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
➤ आनी में मंदिर से लौट रहे डॉक्टर दंपत्ति की कार पर चट्टान गिरने से मौत, बेटी घायल
➤ किन्नौर के चौरा में लैंडस्लाइड से NH-5 बंद, शिमला से जिला संपर्क टूटा
➤ सलूणी में नाले में बही युवती लापता, कई जिलों में यलो अलर्ट और भारी बारिश जारी
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। कुल्लू जिले के आनी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में पहाड़ी से गिरी विशाल चट्टानों की चपेट में आने से श्रीखंड हॉस्पिटल रामपुर के डॉ. बृज और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी घायल हो गई। हादसा उस समय हुआ जब परिवार खुदडीजल मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रहा था। दूसरी ओर किन्नौर में चौरा के पास लैंडस्लाइड से नेशनल हाईवे-5 बंद हो गया, जिससे जिले का शिमला से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। वहीं चंबा के सलूणी में नाले के तेज बहाव में बही युवती का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
मंदिर से लौटते समय कार पर गिरी चट्टान, मौके पर गई दो जानें
जानकारी के अनुसार श्रीखंड हॉस्पिटल रामपुर के डॉ. बृज, उनकी पत्नी और बेटी खुदडीजल मंदिर से वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार रानाबाग-देवरी मार्ग पर पहुंची, अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और मलबा वाहन पर आ गिरा।
हादसा इतना भीषण था कि डॉ. बृज और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी बेटी घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
24 घंटे से लगातार बारिश, कई जिलों में बिगड़े हालात
बीते 24 घंटे से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। सबसे अधिक 147.1 मिमी वर्षा धर्मशाला में दर्ज की गई, जबकि चंबा के भटियात में 75.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन, सड़क धंसने और जलभराव जैसी स्थितियां बन गई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
किन्नौर का शिमला से सड़क संपर्क टूटा
किन्नौर जिले के प्रवेश द्वार चौरा के पास भारी भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे-5 पर बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गईं। इससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मार्ग बंद होने से किन्नौर का शिमला से सड़क संपर्क फिलहाल पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क बहाल करने के लिए संबंधित विभाग मशीनों के साथ मौके पर जुटे हुए हैं।
सलूणी में नाले में बही युवती, तलाश जारी
चंबा जिले के सलूणी क्षेत्र में गुरुवार शाम भेड़-बकरियां चराकर घर लौट रही एक युवती नाले के तेज बहाव में बह गई। देर रात तक तलाश अभियान जारी रहा, लेकिन अब तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल सका।
डलहौजी में स्कूल बंद, कई जिलों में यलो अलर्ट
भारी बारिश को देखते हुए डलहौजी में एसडीएम ने सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 5 अगस्त तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।
शिमला और कांगड़ा में भी बारिश का असर
राजधानी शिमला में दोपहर करीब 12:15 बजे से तेज बारिश जारी है। वहीं कांगड़ा में सुबह मूसलाधार बारिश के कारण करीब एक घंटे तक कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
मौसम विभाग के अनुसार जिन क्षेत्रों में बारिश होगी, वहां अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि हल्की धूप वाले क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश
IMD के अनुसार 1 जून से 29 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य 348.6 मिमी के मुकाबले 325.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 7 प्रतिशत कम है।
हालांकि किन्नौर (29%), शिमला (23%), कुल्लू (23%), चंबा (15%), ऊना (5%) और सोलन (4%) में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
वहीं हमीरपुर (40%), लाहौल-स्पीति (47%), मंडी (23%), कांगड़ा (17%), सिरमौर (6%) और बिलासपुर (4%) में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
Akhil Mahajan