फिर एक मंच पर साथ आएंगे हुड्डा और सैलजा? जानें कल हरियाणा में होने वाली रैली के लिए राहुल गांधी का संदेश

गुरुग्राम में 8 मई को होने वाली सद्भाव यात्रा से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया है। हुड्डा और सैलजा के साथ आने की संभावना बढ़ी।

फिर एक मंच पर साथ आएंगे हुड्डा और सैलजा? जानें कल हरियाणा में होने वाली रैली के लिए राहुल गांधी का संदेश
  • राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस में एकजुटता की कवायद तेज
  • गुरुग्राम सद्भाव यात्रा में हुड्डा और सैलजा के साथ आने के संकेत
  • बीके हरिप्रसाद सभी नेताओं को देंगे एक मंच पर आने का संदेश

हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी के बीच अब पार्टी नेतृत्व एकजुटता का बड़ा संदेश देने की तैयारी में जुट गया है। गुरुग्राम में 8 मई को होने वाली सद्भाव यात्रा से पहले कांग्रेस हाईकमान सक्रिय हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चाहते हैं कि प्रदेश के सभी बड़े नेता एक मंच पर नजर आएं, ताकि निकाय चुनाव से पहले जनता के बीच यह संदेश जाए कि पार्टी में कोई अंदरूनी खींचतान नहीं है।

इसी रणनीति के तहत कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद गुरुग्राम पहुंचकर पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इसके अलावा विधायकों और सांसदों को भी फोन के जरिए कार्यक्रम में शामिल होने का संदेश दिया जाएगा।

गौरतलब है कि हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा से पहले कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने दूरी बना ली थी। उस समय बीके हरिप्रसाद और राव नरेंद्र सिंह ने इसे पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम मानने से इनकार किया था। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा और उनके करीबी नेता भी उस यात्रा में शामिल नहीं हुए थे।

हालांकि अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला, कुमारी सैलजा, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव और कुलदीप शर्मा पहले से ही सद्भाव यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में गुरुग्राम कार्यक्रम में हुड्डा और सैलजा के एक साथ मंच साझा करने की संभावना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

राहुल गांधी के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है। बैठक में प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि यात्रा के रूट और सभा स्थल को लेकर सुरक्षा प्लान को अंतिम रूप दिया जा सके।

राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यदि गुरुग्राम में कांग्रेस के सभी बड़े चेहरे एक मंच पर दिखाई देते हैं, तो यह पार्टी के लिए चुनावी दृष्टि से बड़ा संदेश साबित हो सकता है।