पानीपत में सेना की गाड़ी हादसे का शिकार, मेजर और ड्राइवर की हालत गंभीर

पानीपत में NH-44 पर सेना की गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में मेजर और ड्राइवर गंभीर घायल हो गए, जबकि गनमैन सुरक्षित बच गया।

पानीपत में सेना की गाड़ी हादसे का शिकार, मेजर और ड्राइवर की हालत गंभीर
➤सेना की गाड़ी NH-44 पर हादसे का शिकार 
➤ओवरटेक करते समय डिवाइडर से टकराकर पलटी
➤मेजर और ड्राइवर गंभीर घायल, गनमैन सुरक्षित

हरियाणा के पानीपत जिले में शुक्रवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से अंबाला की ओर जा रही भारतीय सेना की एक गाड़ी मनाना गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि सैन्य वाहन डिवाइडर से टकराने के बाद सड़क के बीचोंबीच पलट गया।

जानकारी के अनुसार, सेना की गाड़ी तेज रफ्तार में हाईवे पर चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मनाना गांव के पास पहुंचने पर चालक ने आगे चल रहे एक अज्ञात ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सीधे डिवाइडर से जा टकराई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी हवा में उछलते हुए कई बार पलटी खाकर सड़क पर जा गिरी। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।

इस हादसे में सेना के मेजर यतिन और उनके ड्राइवर जतिन गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं गाड़ी में मौजूद गनमैन अक्षय को मामूली चोटें आईं और वह बाल-बाल बच गया।

घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे जवानों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और DSP हेडक्वार्टर सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को पानीपत के सामान्य अस्पताल पहुंचाया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मेजर यतिन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सेना के कमांड अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं ड्राइवर जतिन का भी इलाज जारी है।

DSP हेडक्वार्टर सतीश कुमार ने बताया कि सेना की टीम दिल्ली से अंबाला जा रही थी। हादसे में गाड़ी में सवार तीन लोगों में से दो घायल हुए हैं। मामले की जानकारी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।

फिलहाल सेना की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त सैन्य वाहन को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया गया।