इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी: भारत की 50% तेल की सप्‍लाई रूकी ! समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद

ईरान की IRGC ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का दावा किया है। भारत का करीब 50% तेल इसी मार्ग से आता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पूर्ण बंदी से इनकार किया।

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच  जंग  जारी:  भारत की 50% तेल की सप्‍लाई रूकी ! समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद

IRGC ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का दावा किया
भारत का करीब 50% कच्चा तेल इसी मार्ग से आता है
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बंदी से किया इनकार

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग चौथे दिन और गंभीर हो गई है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है।

IRGC के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी पर कहा कि यदि कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा और निशाना भी बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है।

ईरान के हमले से UAE में भारी नुकसान हुआ। सैटेलाइट इमेज में दुबई के पॉम बीच की हमले से पहले और बाद की तस्वीर।

भारत की सप्लाई पर सीधा असर

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जिसमें से करीब 50 प्रतिशत तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो भारत में ईंधन कीमतों, महंगाई और आर्थिक दबाव का असर देखने को मिल सकता है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार की जीवनरेखा है। यहां किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तय है।

अमेरिका का दावा, मार्ग बंद नहीं

हालांकि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि ईरानी दावों के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समुद्री यातायात फिलहाल जारी है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बेहद ऊंचे स्तर पर है।

742 मौतें, 176 बच्चे शामिल

जंग के अब तक के घटनाक्रम में ईरान में 742 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 176 बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। 750 से अधिक लोग घायल हैं। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और मिडिल ईस्ट में संघर्ष के और फैलने की आशंका जताई जा रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज मार्ग पर वास्तविक सैन्य टकराव होता है, तो यह सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट की वजह बन सकता है।