लेडी ASI पर दिव्यांग कारोबारी को धमकाने का आरोप
नारनौल में लेडी ASI पर दिव्यांग कारोबारी को फोन पर धमकाने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
नारनौल में लेडी ASI पर दिव्यांग कारोबारी को धमकाने का आरोप
फोन कॉल में अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का दावा
फैक्ट्री विवाद की जांच के दौरान पुलिस और कारोबारी आमने-सामने
हरियाणा के नारनौल में शहर थाना की एक लेडी ASI पर दिव्यांग कारोबारी को फोन पर धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। कारोबारी ने महिला पुलिसकर्मी की कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित कारोबारी अजीत सैनी ने आरोप लगाया कि शहर थाना में तैनात ASI सरोज बाला उसे बार-बार थाने बुला रही थीं। जब वह दिव्यांग होने के कारण तय समय पर नहीं पहुंच पाया तो पुलिसकर्मी ने फोन कर कथित तौर पर कहा, “2 घंटे से वेट कर रही हूं, तू बड़ा लाट साहब लग रहा है के।”
अजीत सैनी ने बताया कि वह चलने-फिरने में असमर्थ है और नारनौल में वेयर हाउस के पास टीन शेड फैक्ट्री चलाता है। उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी के व्यवहार से वह मानसिक रूप से परेशान हो गया है। कारोबारी का कहना है कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय उसे ही बार-बार थाने बुलाकर दबाव बनाया जा रहा है।
पूरा मामला कारोबारी की फैक्ट्री में हुए विवाद से जुड़ा हुआ है। अजीत सैनी के मुताबिक 19 मई को कुछ लोग उसकी फैक्ट्री में पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए धमकियां देने लगे। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने मेज पर मुक्के मारे और उसकी टूटी टांग का मजाक उड़ाते हुए दूसरी टांग तोड़ने की धमकी दी।
कारोबारी ने बताया कि घटना के दौरान उसने अपने भाई को फोन किया, जिसके बाद पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी गई। पुलिस को आते देख आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना फैक्ट्री में लगे CCTV कैमरों में कैद होने का दावा भी किया गया है।
शिकायत के बाद मामले की जांच ASI सरोज बाला को सौंपी गई। कारोबारी का आरोप है कि जांच के दौरान पुलिसकर्मी का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा और उसे अनावश्यक रूप से परेशान किया गया।
वहीं, ASI सरोज बाला ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल जांच के सिलसिले में कारोबारी को थाने बुलाया था। उनके मुताबिक दूसरी पार्टी थाने पहुंच चुकी थी और वह करीब दो घंटे तक इंतजार करती रहीं, लेकिन कारोबारी नहीं आया। उन्होंने किसी तरह की धमकी या अभद्र भाषा इस्तेमाल करने से इनकार किया है।
उधर, पुलिस पीआरओ सुमित कुमार ने भी कहा कि शिकायतकर्ता को तीन बार थाने बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा। उन्होंने पुलिसकर्मी द्वारा बदतमीजी या धमकी देने के आरोपों को गलत बताया।
मामला अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। लोग दिव्यांग व्यक्ति के साथ पुलिस व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुसार बता रही है।
pooja