पानीपत में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट से दीवारें गिरी, 11 झुलसे, चार की हालत नाजुक

पानीपत में हैचरी परिसर में हुए ब्लास्ट से कमरों की दीवार गिर गई। महिलाओं और बच्चों समेत 11 लोग झुलस गए। सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पानीपत में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट से दीवारें गिरी, 11 झुलसे, चार की हालत नाजुक

ब्लास्ट से हैचरी के कमरों की दीवार गिरी, मजदूर दबे
महिलाओं और बच्चों समेत 11 लोग झुलसे, हालत गंभीर
सुबह 7 बजे हादसा, सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती



पानीपत जिले में शुक्रवार सुबह एक भीषण ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब हैचरी परिसर में बने कमरों में मजदूर परिवार सो रहे थे। अचानक हुए तेज विस्फोट से कमरों की दीवारें ढह गईं और कई लोग मलबे के नीचे दब गए।

जानकारी के अनुसार, हैचरी में बने कमरों के पास ही ट्रांसफार्मर और जनरेटर रखे हुए थे। सुबह अचानक हुए ब्लास्ट से आग और तेज गर्मी फैल गई। विस्फोट की चपेट में आकर महिलाओं और बच्चों समेत कुल 11 लोग बुरी तरह झुलस गए

हादसे के वक्त सभी लोग गहरी नींद में थे। धमाके के साथ ही कमरे की दीवार गिर पड़ी, जिससे अंदर सो रहे मजदूर बाहर निकल नहीं सके। आग और धुएं के बीच चीख-पुकार मच गई।

आसपास मौजूद लोगों और हैचरी कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

हरियाणा के पानीपत जिले के गांव शेरा में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव स्थित चौधरी लेयर पोल्ट्री फार्म हाउस के पास लगे बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पास बनी हैचरी की मजबूत दीवार ढह गई और उसके नीचे सो रहा एक पूरा परिवार दब गया।

जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त परिवार हैचरी की दीवार के पास सो रहा था। सुबह अचानक ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के चलते विस्फोट हुआ। विस्फोट की तेज ऊर्जा और कंपन से दीवार सीधे परिवार पर आ गिरी। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

इस हादसे में 35 वर्षीय मनसा राम, 25 वर्षीय रंजना, 11 वर्षीय नितेश और 9 वर्षीय सोनम गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मलबे के नीचे दब गए थे।

धमाके की तेज आवाज सुनकर हैचरी के केयरटेकर और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दीवार का मलबा हटाकर कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला गया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चीख-पुकार मच गई।

घायलों को पहले मतलौडा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर पानीपत सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल चारों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों की हालत ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है।