BSF जवान दयाकिशन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
रेवाड़ी के भाकली गांव निवासी BSF एएसआई दयाकिशन यादव को मणिपुर में शहीद होने के बाद राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।
- SF के ASI दयाकिशन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
- मणिपुर में जॉइंट ऑपरेशन के दौरान हुए थे शहीद
- भारत माता के जयकारों के बीच पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
रेवाड़ी जिले के भाकली गांव के रहने वाले बीएसएफ के एएसआई दयाकिशन यादव शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। मणिपुर में एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए दयाकिशन का उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान बीएसएफ के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं बीएसएफ, पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर देश के वीर सपूत को नमन किया।
शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। पूरे गांव में शोक का माहौल देखने को मिला। नम आंखों से लोगों ने अपने वीर जवान को अंतिम विदाई दी। इस दौरान भारत माता की जय और शहीद दयाकिशन अमर रहें के नारों से माहौल गूंज उठा।
गांव के सरपंच श्याम सिंह ने बताया कि दयाकिशन यादव वर्ष 1995 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती मणिपुर में थी। ड्यूटी के दौरान एक जॉइंट ऑपरेशन में उन्होंने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद दयाकिशन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। तीनों बच्चे फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं। शहीद के निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर है।
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बीएसएफ अधिकारियों ने परिवार को तिरंगा सौंपते हुए शहीद के बलिदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया।
Akhil Mahajan