11 गांवों की पंचायत ने फैक्ट्री के गंदे पानी का किया विरोध

रेवाड़ी के कसोली गांव में 11 गांवों की पंचायत में फैक्ट्रियों के दूषित पानी को नहर में डालने का विरोध किया गया। HSIDC ने समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा है।

11 गांवों की पंचायत ने फैक्ट्री के गंदे पानी का किया विरोध

रेवाड़ी में 11 गांवों की पंचायत, फैक्ट्रियों के गंदे पानी का विरोध

ग्रामीण बोले- नहर में दूषित पानी डालने नहीं देंगे

HSIDC ने समाधान के लिए मांगा 2 दिन का समय

कसोली मंदिर में हुई पंचायत में पहुंचे विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar

रेवाड़ी जिले के कसोली गांव में सोमवार को 11 गांवों की बड़ी पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में आसलवास-पातुहेड़ा क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी को नहर में डालने का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच कैप्टन बलबीर बगथला ने की।

ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIDC) ने मामले के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा है। पंचायत में फैसला लिया गया कि यदि तय समय में प्रशासन ने समाधान नहीं किया तो महापंचायत बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

आसलवास-पातुहेड़ा के पास जमा फैक्ट्रियों का गंदा पानी।

पंचायत में जिला पार्षद नरेश, जगदीश पहलवान, भोला राम प्रधान, विक्रण वाइस चेयरमैन, कर्म सिंह और अशोक यादव समेत कई गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों ने फैक्ट्री के दूषित पानी को लेकर गहरी चिंता जताई।

पूर्व सरपंच कैप्टन बलबीर बगथला ने बताया कि आसलवास-पातुहेड़ा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी को सीवर लाइन तक पहुंचाने के लिए HSIDC ने ठेका दिया हुआ है। ठेके के अनुसार गंदे पानी को अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए सीवर लाइन तक पहुंचाया जाना है।

कसोली गांव के मंदिर में आयोजित पंचायत में शामिल ग्रामीण।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार पाइपलाइन बिछाने की बजाय खुले नहर मार्ग से गंदा पानी छोड़ना चाहता है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर नहर में दूषित पानी नहीं डालने दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने दावा किया कि इससे पहले भी फैक्ट्रियों का दूषित पानी पीने से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी और ठेकेदार कथित मिलीभगत से लोगों और पशुओं की जिंदगी को खतरे में डालना चाहते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि आसलवास गांव के पास बने पंप हाउस के नजदीक HTP प्लांट लगाया गया है। इसी पंप हाउस से कसोली की ओर जाने वाली नहर में पानी छोड़ा जाता है। आरोप है कि ठेकेदार इसी नहर में फैक्ट्री का दूषित पानी डालने की तैयारी कर रहा है।

पंचायत में कसोला, कसोली, बरखापुर, गढ़ी बोलनी, बसई और मुकदपुर समेत कई गांवों के लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।