हरियाणा में RLD को बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा, 21 पदाधिकारी भी बाहर
हरियाणा में RLD को बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह सांगवान और 21 पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ी, नेतृत्व से नाराजगी बनी इस्तीफे की वजह।
- हरियाणा में RLD को बड़ा सियासी झटका
- प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह सांगवान ने छोड़ी पार्टी
- 21 पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफा, संगठन में उथल-पुथल
हरियाणा में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह सांगवान ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दादरी से पूर्व विधायक रहे सांगवान ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को भेज दिया है।
सांगवान के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी के 21 अन्य पदाधिकारियों ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है। सामूहिक इस्तीफों से हरियाणा में RLD संगठन की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस्तीफे के पीछे पार्टी नेतृत्व से संवाद की कमी को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जयंत चौधरी हाल ही में पानीपत दौरे पर आए, लेकिन इसकी सूचना प्रदेश के किसी भी पदाधिकारी को नहीं दी गई। इसी बात को लेकर लंबे समय से पार्टी नेताओं में नाराजगी चल रही थी, जो अब खुलकर सामने आ गई है।
गौरतलब है कि 30 जुलाई 2025 को ही RLD की हरियाणा प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। इसमें 6 प्रदेश उपाध्यक्ष, 9 प्रदेश महासचिव, 10 प्रदेश सचिव और 1 कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की गई थी। इतने कम समय में कार्यकारिणी का बिखर जाना संगठनात्मक कमजोरी की ओर इशारा कर रहा है।
इस्तीफा देने वालों में 5 प्रदेश उपाध्यक्ष, 7 प्रदेश महासचिव, 9 प्रदेश सचिव और कोषाध्यक्ष शामिल हैं। इनमें हिसार, करनाल, रोहतक, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, रेवाड़ी, नारनौल और फतेहाबाद जैसे जिलों के वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
जगजीत सिंह सांगवान का राजनीतिक सफर भी लंबा रहा है। उन्होंने दादरी विधानसभा से पांच बार चुनाव लड़ा। वर्ष 1982 में कांग्रेस से पहला चुनाव लड़ा लेकिन हार मिली। इसके बाद 1987 में निर्दलीय, 1991 और 1996 में कांग्रेस से चुनाव लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः 2000 में एनसीपी से चुनाव जीतकर वे विधायक बने थे।
प्रदेश अध्यक्ष समेत बड़े नेताओं के इस्तीफे के बाद हरियाणा की सियासत में RLD की स्थिति और आने वाले चुनावों में उसकी भूमिका पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, हाल ही में समालखा के पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली ने जयंत चौधरी के पानीपत दौरे के दौरान मुलाकात की थी। उसके बाद से उनके आरएलडी में आने की चर्चाएं चल रही थी इसी बीच दो दिन पूर्व उन्होंने आरएलडी ज्वाइन कर ली और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चा चल रही थी। इस सारे राजनैतिक घटनाक्रम में हरियाणा के प्रदेश महासचिव नरेंद्र छिक्कारा का कद भी पार्टी के सामने बड़ा हुआ है।
Akhil Mahajan